वाराणसी: उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वाराणसी (काशी) की लक्सा थाना पुलिस ने महाराष्ट्र से आए एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध मौत और आत्महत्या के मामले की गुत्थी पूरी तरह सुलझा ली है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि भारी-भरकम कर्ज के दबाव और गंभीर बीमारियों से परेशान होकर इस परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया था। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने मृतक विशाल की प्रयागराज में रहने वाली बहन और उनके बहनोई से संपर्क साधा, हालांकि उन्होंने पिछले 12 वर्षों से पारिवारिक संबंध न होने का हवाला देते हुए शवों को लेने से साफ इनकार कर दिया है। घटना के 72 घंटे पूरे होने के उपरांत शुक्रवार को पुलिस प्रशासन द्वारा तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
12 साल से टूटा हुआ था परिवार से संपर्क
वाराणसी की लक्सा पुलिस ने गुरुवार को प्रयागराज के कर्नलगंज इलाके की रहने वाली मृतक की बहन पृथा पांडेय और उनके पति भूपेंद्र पांडेय से संपर्क किया। बहन ने पुलिस को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान बताया कि उनके भाई विशाल और भाभी से उनका रिश्ता करीब 12 साल पहले ही पूरी तरह टूट चुका था। मूल रूप से प्रयागराज के कर्नलगंज के रहने वाले विशाल मुखर्जी करीब 15 वर्ष पूर्व एक सीमेंट कारखाने में रोजगार के सिलसिले में महाराष्ट्र गए थे और वहीं बस गए थे। बाद में वे अपने माता-पिता को भी अपने साथ वहीं ले गए थे। पृथा ने जानकारी दी कि विशाल उनके इकलौते भाई थे, लेकिन मुंबई जाने के बाद से परिवार का उनसे कोई नाता नहीं बचा था और ना ही कभी आपस में कोई बातचीत होती थी।
कर्ज के दलदल में फंस चुका था परिवार
मृतक की बहन ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि उनके भाई ने भारी मात्रा में कर्ज ले रखा था। स्थिति यह थी कि उन्होंने अपने पिता के मित्रों से भी बड़ी रकम उधार ले रखी थी और किसी का पैसा वापस नहीं करते थे। यहाँ तक कि उन्होंने अपने बेटे ईशान के दोस्तों से भी पैसे उधार ले लिए थे। परिवार पर संकट तब और गहरा गया जब घर में किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए भारी-भरकम धन खर्च हो गया। इसके अलावा, विशाल की पत्नी जया की भी सेहत लंबे समय से खराब चल रही थी और उनका महंगा इलाज लगातार जारी था।
पृथा पांडेय ने आगे बताया कि वर्ष 2018 में उनके पिता और वर्ष 2022 में उनकी माता का निधन हो गया था। इसके बाद से उनका विशाल, उनकी पत्नी जया और बेटे ईशान से किसी भी प्रकार का कोई संबंध या सरोकार नहीं रह गया था। लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि चूंकि मृत व्यक्ति की बहन और बहनोई ने शव लेने और अंतिम संस्कार करने में अपनी असमर्थता जता दी है, इसलिए नियम के अनुसार घटना के 72 घंटे पूरे होने पर शुक्रवार सुबह माता-पिता और बेटे—तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके पश्चात वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।
महाराष्ट्र से जुड़े हैं आत्महत्या के तार
वाराणसी पुलिस मृतकों के अन्य रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क साधने के लगातार प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस भी अपने स्तर पर मृतक विशाल के करीबी लोगों और जानकारों से संपर्क करने में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि गत 7 अगस्त को यह पूरा परिवार वाराणसी पहुंचा था और लक्सा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वाची गेस्ट हाउस (होम स्टे) में ठहरा हुआ था। इसके बाद 9 अगस्त की रात को अचानक विशाल की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां बीएचयू (BHU) के ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। इस सदमे और आर्थिक तंगी के चलते अगले दिन यानी 10 अगस्त की देर शाम को होम स्टे के कमरे के भीतर ही मां और बेटे ने भी संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।





