जबलपुर। सरकारी कॉलेजों में पिछले साल की तुलना में इस साल डेढ़ गुना ज्यादा प्राध्यापकों के तबादले हो सकते हैं। सरकार वर्षों से एक ही कॉलेज में जमे प्राध्यापकों को हटाना चाहती है। इसके लिए प्रदेशभर से ऐसे प्राध्यापकों की कुंडली उच्च शिक्षा विभाग ने बुलाई है। तबादलों की बाढ़ से जबलपुर संभाग ज्यादा प्रभावित हो सकता है, क्योंकि यहां 40 फीसदी प्राध्यापक अर्से से एक ही संस्थान में नौकरी कर रहे हैं।

एक हजार तबादले हुए थे बीते साल

पिछले शैक्षणिक सत्र में उच्च शिक्षा विभाग ने तबादलों की लंबी सूची जारी की थी। इसमें करीब एक हजार सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापक प्रभावित हुए। प्रदेशभर में इस कार्रवाई से खलबली मच गई थी। कई प्राध्यापक आदेश के खिलाफ कोर्ट भी गए। इनमें ज्यादातर ऐसे थे जो 4 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बावजूद जमे हैं।

मांगा ब्योरा

उच्च शिक्षा विभाग ने तबादलों की लिस्ट को पिछले साल की तुलना में बढ़ाने का मन बनाया है। सूत्रों के मुताबिक फरवरी महिने में ही सभी क्षेत्रीय कार्यालयों से कॉलेजों में पदस्थ हर शिक्षक का पूरा रिकार्ड मांगा। उनकी पदस्थपना वर्ष, विषय के मौजूद शिक्षकों की संख्या आदि। इस प्रक्रिया को आने वाले महीनों में तबादले की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

300 से ज्यादा दायरे में

जबलपुर संभाग में 64 सरकारी कॉलेज हैं। इसमें तकरीबन 800 प्राध्यापक पदस्थ हैं। इसमें करीब 300 प्राध्यापक 5 साल से ज्यादा वक्त से पदस्थ हैं। सरकारी नियम में 3 साल से ज्यादा एक ही संस्थान में पदस्थ रहने वाले शिक्षकों का तबादला किया जाना है।

शासन की नई तबादला नीतिः पहले आए,पहले जाओ

उच्च शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति में पहले पदस्थापना वालों का तबादला भी पहले होगा।

इनको मिलेगी छूट

-40 फीसदी से ज्यादा विकलांगता वाले

-मेडिकल बोर्ड का स्पष्ट प्रमाणपत्र कि नियत जगह नियमित उपचार के लिए स्थान विशेष में रहना आवश्यक।

- 1 साल से कम सेवानिवृत्ति को शेष होने पर।

-पति-पत्नी के स्वयं के व्यय पर एक ही स्थान पर पदस्थापना करने का प्रयास भी होगा।

इन पर नजर

- 3 साल से ज्यादा वक्त एक ही कॉलेज में पदस्थ प्राचार्यों पर।

- 5 साल से ज्यादा वक्त एक ही कॉलेज में पदस्थ रहने वाले कर्मचारी और शिक्षकों पर।

महिला को प्राथमिकता-

-एक ही स्थान पर रिक्त स्थान के विरुद्घ दो या इससे अधिक व्यक्ति है समान रूप से स्थानांतरण के योग्य हैं तो महिला कर्मचारी को प्राथमिकता होगी। अन्यथा उम्र में अधिक व्यक्ति को प्राथमिकता।

रिसर्च से मिलेगी राहत

-जो प्राध्यापक शोध परियोजना में कार्यरत होगे उन्हें कार्य संपन्न होने तक तबादले से छूट होगी।

-पिछले तीन साल में 50 फीसदी से कम संख्या वाले कोर्स में शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण होगा।

-एनसीसी अधिकारियों का तबादला वहीं होगा जिस संस्थान में एनसीसी की यूनिट होगी।