जयपुर: प्रदेश की जेलों में सलाखों के पीछे बैठे बंदी मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं. ये बंदी इतने बेखौफ हो गए है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर जान से मारने की धमकियां देने से नहीं चूक रहे हैं. महज तीन दिन में सीएम और डिप्टी सीएम को जयपुर-बीकानेर जेल से धमकियों भरे कॉल आने के बाद डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने एक्शन लेते हुए 12 जेलकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया. इनमें एक जेल उपाधीक्षक को हटाया गया. 11 जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया.

5 जेलकर्मियों सस्पेंड
जेल मुख्यालय से जारी आदेशों के मुताबिक डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने जयपुर सेंट्रल जेल के उपाधीक्षक इंद्र कुमार को हटाकर अग्रिम आदेशों तक सीकर जिला जेल में ट्रांसफर कर दिया. वहीं, जयपुर जेल के कारापाल भंवर सिंह, उप कारापाल रमेशचंद, मुख्य प्रहरी वीरेंद्र सिंह भाटी, प्रहरी चंद्रपाल और सुरेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने जेल विभाग के डीआईजी को जेलकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच सौंपी है. जयपुर सेंट्रल जेल में बंद विक्रम सिंह नाम के बंदी ने तीन दिन पहले पुलिस कंट्रोल रुम में फोन कर डिप्टी सीएम को जान से मारने की धमकी दी थी. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने महज 24 घंटे में 6 बदमाशों को धर दबोचा.

सीएम भजनलाल को दी जान से मारने की धमकी
डिप्टी सीम प्रेमचंद बैरवा को जान से मारने की धमकी का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बीकानेर की जिला जेल में बंद कैदी आदिल ने सलाखों के पीछे से फोन कॉल कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी दे डाली. इस मामले में भी डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने एक्शन लेते हुए बीकानेर जिला जेल के बीकानेर जेल के डिप्टी जेलर जयसिंह, मुख्य प्रहरी विजयपाल, जेल प्रहरी जगदीश प्रसाद व अनिल मीणा को सस्पेंड कर दिया. बीकानेर जेल के चारों जेल कर्मियों का निलंबन काल में मुख्यालय श्रीगंगानगर जेल रहेगा.

इसी तरह, डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने एक अन्य प्रकरण में जोधपुर जिला जेल के कारापाल रामचंद्र और मुख्य प्रहरी चैनदान चारण को सस्पेंड कर दिया। जोधपुर जेल के दोनों जेलकर्मी निलंबन काल में जयपुर जेल मुख्यालय में उपस्थिति देंगे. इसकी जांच भी जेल अधीक्षक को सौंपी गई है.