आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को तगड़ी चपत लगाई है. इसके साथ ही सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर द‍िया. ये आतंकवादी सुरक्षा कैमरे चुरा लिए और अब उसे बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं. आतंकवादी इन कैमरों को बेचने के लिए फेसबुक मार्केटिंग प्‍लेस का इस्‍तेमाल कर रहे हैं. आतंकियों की इस करतूत से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और फौज की हर तरफ खिल्ली उड़ रही है.

खैबर पख्तूनख्‍वा के डेरा इस्माइल खान के नजदीक टोंक जिले में अनेक जगहों पर अजीबोगरीब मामला सामने आया है. इस इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए थे. दिलचस्प है कि जो कैमरे लगाए गए थे, उनकी निगरानी का काम भी कुछ कैमरों के द्वारा किया जा रहा था. आतंकवादियों ने पिछले महीने के अंतिम दिनों में टोंक जिले की मुख्य सड़कों पर लगे कुछ कैमरे चुरा लिए. उसके बाद सुरक्षा बलों के कैंपों के नजदीक लगे भी अनेक सुरक्षा कैमरे चोरी हो गए.

फेसबुक मार्केटिंग के जरिये बेच रहे कैमरे
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस चोरी को रूटिंन चोरी की तरह लिया, लेकिन उनका मजाक तब उड़ने लगा जब अचानक आतंकवादियों ने उनके इन कैमरों को फेसबुक मार्केटिंग के जरिए बेचना शुरू कर दिया. फेसबुक मार्केटिंग पर इन आतंकवादियों ने बाकायदा इन कैमरे की विशेषता बताते हुए कि वह कितनी तरह से फोटो लेते हैं, कितने एंगल पर घूम सकते हैं आदि. आतंकवादियों ने बाकायदा उनका महत्व बताते हुए उनके दाम लगाने शुरू कर दिए. दिलचस्प है कि फेसबुक मार्केटिंग पर आम लोगों ने मोलभाव करना भी शुरू कर दिया.

एक्‍शन में पाकिस्‍तान आर्मी
मामला सामने आने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा वालों ने आनन-फानन में इन कैमरों की चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया. इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई, लेकिन अभी तक न तो कैमरे चोरी करने वाले चोर पकड़े गए हैं और न ही फेसबुक पर उन्हें बेचने वाले आतंकवादी. सुरक्षा एजेंसियां इन फेसबुक पेजों को बंद कराकर उनकी जांच कर रही है. ध्यान रहे कि इसके पहले भी फेसबुक पर पाकिस्तान के डाकुओं ने बड़े पैमाने पर अपना प्रचार शुरू किया था, जिसे लेकर सुरक्षा बलों को बेहद परेशानी हुई थी. सुरक्षा बलों द्वारा की गई सख्‍ती के बाद डाकुओं के फेसबुक अकाउंट बंद कर दिए गए थे. फिलहाल इस नए प्रकरण से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर पाकिस्तान में ही खिल्ली उड़ाई जा रही है.