सना। यमन के हूती लड़ाकों ने दावा प्रस्तुत किया है कि वे लाल सागर स्थित जुकार द्वीप के समीप 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका का बचाव करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार इस जलपोत को सऊदी अरब के बलों द्वारा निशाना बनाया गया था।

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के हवाले से हूती गुट ने कहा कि सऊदी बलों ने जुकार द्वीप के निकट 14 भारतीयों को ले जा रही नौका पर हमला किया, जिसके पश्चात यमनी सशस्त्र बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। उन्होंने इस घटना को लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवागमन के लिए एक बड़ा खतरा करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस प्रकार के कदमों पर रोक लगाने की मांग की है।

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और भारतीयों पर असर

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल ही में सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी और दो अन्य नागरिक चोटिल हो गए थे, जबकि शयबाह तेल क्षेत्र में भी एक भारतीय नागरिक के घायल होने की खबर आई थी।

विदेश मंत्रालय ने इस परिस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए सऊदी अरब में आम नागरिकों और ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाकर किए जा रहे लगातार हमलों की कठोर शब्दों में भर्त्सना की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और बुनियादी ढांचों पर इस तरह के हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।

समुद्री मार्गों पर सुरक्षा का गंभीर संकट

इसी बीच यमन के रक्षा मंत्रालय ने हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आयोजित होने वाले प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें सैन्य लक्ष्य माने जाने की चेतावनी दी है, जिससे स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है।

दूसरी ओर ईरान के आधिकारिक माध्यमों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में एक ही रात के भीतर सात तेल टैंकरों के क्षतिग्रस्त या जलकर नष्ट होने की सूचना है। यह तबाही या तो सीधे हमलों के कारण हुई या फिर जलमार्ग में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से हुई, जिससे मध्य पूर्व के इस सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है।