मुंबई| बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी होटल या रेस्टोरेंट ने खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर लिया है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए निलंबित (सस्पेंड) नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि यदि पुनरीक्षण (री-इंस्पेक्शन) के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई जाती हैं और संस्थान को बेहतर रेटिंग मिलती है, तो विभाग को तत्काल प्रभाव से लाइसेंस बहाल करना चाहिए। इसके उपरांत विभाग केवल नियमानुसार निगरानी बनाए रख सकता है।
69% रेटिंग पर सस्पेंड हुआ था लाइसेंस, सुधार के बाद मिले 97 प्रतिशत अंक
यह पूरा प्रकरण मुंबई स्थित 'होटल अलंकार' से संबंधित है। 7 जुलाई को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता व मानकों में कमियां पाते हुए होटल को 69 प्रतिशत अंक दिए थे, जिसके आधार पर 8 जुलाई को लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। इसके पश्चात होटल प्रबंधन ने सभी आवश्यक सुधार किए। 31 जुलाई को किए गए दोबारा निरीक्षण में होटल ने 97 प्रतिशत की उत्कृष्ट रेटिंग प्राप्त की, जिसे विभाग ने स्वयं अत्यंत संतोषजनक माना था। इसके बावजूद लाइसेंस बहाल न होने पर होटल ने हाईकोर्ट का रुख किया।
अदालत की सख्त टिप्पणी: सुधार के बाद भी निलंबन जारी रखना न्यायसंगत नहीं
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी हैरानी व्यक्त की। अदालत ने टिप्पणी की कि जब नई जांच रिपोर्ट में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त हो चुके थे, तो निलंबन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। यदि नई रिपोर्ट को आधार ही नहीं बनाना था, तो पुनः निरीक्षण की प्रक्रिया का कोई अर्थ नहीं रह जाता। अदालत ने रेखांकित किया कि खाद्य लाइसेंस के निलंबन का मुख्य उद्देश्य जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि व्यवसाय को बाधित करना।
अधिकारियों का आदेश रद्द, तत्काल प्रभाव से लाइसेंस बहाल करने का निर्देश
इन सख्त मौखिक व लिखित टिप्पणियों के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट ने खाद्य विभाग के निलंबन आदेश को खारिज कर दिया और 'होटल अलंकार' का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से बहाल करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया।





