काठमांडू: नेपाल में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। त्रिशुली नदी के उफान और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राहत और बचाव कार्यों पर ब्रेक लगा दिया है। आफत के इस दौर में नेपाल सरकार ने अपनी नीति बदलते हुए विदेशी मदद स्वीकार करने का निर्णय लिया है, वहीं भारत समेत अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां नेपाल की सहायता के लिए आगे आई हैं।

खराब मौसम ने रोकी उड़ानों की रफ्तार नेपाल के नदी तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। त्रिशुली नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। लगातार बिगड़ते मौसम और कम दृश्यता के चलते हेलीकॉप्टरों की उड़ानें रोकनी पड़ी हैं, जिससे दूरदराज के इलाकों में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है।

नेपाल ने विदेशी मदद के लिए खोले दरवाजे शुरुआती हिचकिचाहट के बाद नेपाल ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने की मंजूरी दे दी है। लापता विदेशी नागरिकों के देशों की ओर से आ रहे दबाव के बीच यह फैसला लिया गया। नेपाल सरकार अब सुरंगों में फंसे लोगों के बचाव और शवों की पहचान के लिए विदेशी विशेषज्ञों का सहारा लेगी। दूसरी ओर, भोटेकोशी बाढ़ की रिपोर्टिंग कर रहे विदेशी मीडियाकर्मियों पर कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत उन्हें अपने पासपोर्ट, वीजा, संस्थागत पहचान पत्र और वित्तीय विवरण जमा कराने होंगे।

WHO ने जारी किया आपातकालीन बजट वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नेपाल के लिए अपनी मदद का दायरा बढ़ा दिया है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने जानकारी दी कि आपदा के तुरंत बाद 150,000 अमेरिकी डॉलर की तत्काल वित्तीय सहायता जारी की गई है। इसके साथ ही 10,000 लोगों के लिए 3 महीने तक चलने वाली आवश्यक चिकित्सा सामग्री, टेंट, मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर नेपाल भेजे गए हैं।

भारत से 10 टन राहत सामग्री रवाना नेपाल के इस संकट में भारत पूरी मुस्तैदी से खड़ा है। मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान के तहत नई दिल्ली से भारतीय वायु सेना का C-130 विमान 10 टन खाद्य सामग्री और दवाएं लेकर नेपाल रवाना हुआ है।

लापता भारतीय पर्यटकों की खोज जारी

पश्चिम बंगाल के लापता 39 पर्यटकों में से 2 का सुराग मिल गया है, जो उत्तर 24 परगना जिले के रहने वाले हैं। हालांकि, 37 पर्यटक अभी भी लापता हैं। राज्य के पुलिस मुख्यालय 'भवानी भवन' से प्रभावित परिवारों के साथ ऑनलाइन बैठक के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हर नागरिक की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी हैं।

नागपुर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकट में फंसे नागरिकों को निकालने के प्रयासों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के त्वरित हस्तक्षेप की सराहना की। नेपाल से सुरक्षित निकाले गए महाराष्ट्र के निवासियों ने वीडियो कॉल के जरिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।