मुंबई: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों का ऐलान कर दिया है। बैंक के इन मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों को बेहद प्रभावित किया है, जिसके तहत स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का शुद्ध मुनाफा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 10.2 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ 21,121.22 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
शुद्ध ब्याज आय और कुल स्टैंडअलोन इनकम में आई उल्लेखनीय वृद्धि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हुआ
बैंक की ओर से शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि शुद्ध ब्याज आय (NII) भी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 46,992 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इसके अलावा बैंक का ऑपरेशंस से होने वाला ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हो गया है।
एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार, ग्रॉस एनपीए अनुपात घटकर 1.47 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.38 प्रतिशत पर आया
भारतीय स्टेट बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में इस तिमाही के दौरान और अधिक सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस एनपीए अनुपात सुधरकर 1.47 प्रतिशत रह गया है जो पिछले साल 1.83 प्रतिशत था, वहीं नेट एनपीए अनुपात भी गिरकर 0.38 प्रतिशत पर आ गया है। इसके साथ ही तिमाही के अंत तक बैंक के कुल डिपॉजिट बढ़कर 60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर को पार कर गए हैं।
तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में एसबीआई के शेयरों में आई जोरदार तेजी, बीएसई पर भाव चढ़कर 1,124.40 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा
उत्कृष्ट वित्तीय परिणामों के बाजार पर पड़े सकारात्मक असर के चलते 7 अगस्त को कारोबार के दौरान एसबीआई के शेयरों में जबरदस्त लिवाली देखने को मिली। नतीजों की घोषणा के बाद बैंक का शेयर बीएसई पर 3.6 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,124.40 रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे बैंक का कुल मार्केट कैप 10.33 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।





