मुंबई: मुंबई की मेयर रितु तावड़े का आधिकारिक निवास स्थान वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान (बायकुला जू) के भीतर स्थित एक ऐतिहासिक हेरिटेज बंगला है। वर्ष 1931 में निर्मित लगभग 6,000 वर्ग फुट का यह विशाल बंगला अपनी सागौन की बेहतरीन लकड़ियों और पारंपरिक टाइल वाली छत के लिए जाना जाता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने चालू वर्ष की शुरुआत में ही इस विरासत इमारत की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर लगभग ₹2.4 करोड़ का भारी-भरकम बजट खर्च किया था।

करोड़ों के नए अपग्रेड प्रस्ताव ने बढाया विवाद

हाल ही में हुए लाखों-करोड़ों के खर्च के तुरंत बाद सिविक बॉडी द्वारा ₹2.9 करोड़ के अतिरिक्त अपग्रेडेशन का नया टेंडर जारी किया गया है। प्रारंभिक आकलनों के अनुसार, इस पूरे अपग्रेड का अनुमानित बजट ₹2.94 करोड़ से ₹3.84 करोड़ के बीच तय किया गया था। इस हेरिटेज प्रॉपर्टी में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की मेयर और घाटकोपर से कॉर्पोरेटर रितु तावड़े अपने पूरे परिवार के साथ निवास कर रही हैं, जिसके चलते इस नए प्रस्ताव पर सवाल उठने लगे हैं।

आधुनिक बदलावों और विलासितापूर्ण साज-सज्जा की योजना

नए प्रस्ताव में बंगले परिसर के चारों ओर बायो-एब्जॉर्बेंट नॉइज बैरियर पैनल लगाने और लॉन में पार्टी कार्यकर्ताओं व आगंतुकों के लिए कंटेनर-बेस्ड अस्थायी मीटिंग हॉल बनाने का प्रावधान शामिल है। आंतरिक और संरचनात्मक परिवर्तनों के तहत नए बेडरूम का निर्माण, भूतल पर इटैलियन मार्बल फ्लोरिंग, आधुनिक टॉयलेट, ऑडिटोरियम को कॉन्फ्रेंस रूम में बदलना तथा आधुनिक किचन बनाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही विरासत सौंदर्य को बनाए रखने के लिए एंटीक-स्टाइल झूमर और विनीशियन ब्लाइंड्स जैसी सजावटी वस्तुएं लगाने की भी योजना है।

विपक्ष और कार्यकर्ताओं का विरोध तथा प्रशासन का पक्ष

इस योजना पर सूचना अधिकार (RTI) कार्यकर्ताओं और शिवसेना (UBT) के विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है। पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि साउंड बैरियर और कंटेनर स्ट्रक्चर से हेरिटेज इमारत की खूबसूरती प्रभावित होगी और आम जनता की पहुंच भी बाधित होगी। दूसरी ओर, नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि समस्त कार्य विकास नियंत्रण नियमों और हेरिटेज संरक्षण दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए किए जाएंगे ताकि इमारत की ऐतिहासिक संरचना सुरक्षित रहे।