लुधियाना। पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए नई रणनीतियों और घोषणाओं में जुट गए हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) लुधियाना से अपने आधिकारिक चुनावी अभियान का शंखनाद करने जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान चुनावी अभियान का पर्चा भी जारी करेंगे। चुनाव से ठीक पहले मान सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के ऐलान को इस अभियान का मुख्य आधार माना जा रहा है।

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी

भगवंत मान सरकार ने राज्य के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके डीए में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के साथ हर महीने नियमित रूप से बैठक और संवाद करने का भी अहम निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम को विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारी वर्ग को साधने और चुनावी वैतरणी पार करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कर्मचारी वोट बैंक पर आम आदमी पार्टी की पैनी नजर

पंजाब की राजनीति में सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स एक बहुत बड़ा और संगठित मतदाता वर्ग माने जाते हैं। ऐसे में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘आप’ का पूरा फोकस इस मजबूत वोट बैंक को अपने पाले में करने पर है। डीए बढ़ोतरी से कर्मचारियों की तत्काल आय तो बढ़ेगी ही, साथ ही सरकार यह संदेश देने की कोशिश भी करेगी कि वह उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है। हालांकि, पुरानी पेंशन योजना (OPS) और अन्य लंबित एरियर जैसे कई मुद्दे अभी भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

विपक्ष के लिए राजनीतिक अवसर और चुनौतियाँ

सकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद विपक्षी दलों के सामने भी राजनीति के नए रास्ते खुल गए हैं। एक तरफ जहां विपक्ष इसे चुनावों के नजदीक आया एक चुनावी हथकंडा बता सकता है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की बची हुई लंबित मांगों को आधार बनाकर वह सत्ताधारी दल के खिलाफ माहौल तैयार करने की जुगत में भी लग गया है। इस प्रकार, पंजाब का यह चुनावी रण अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है।