इस्लामाबाद:विश्व की 12वीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी ब्रॉड पीक पर एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है। 30 जुलाई, 2026 को लगभग 6,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ते समय एक भयानक बर्फीला तूफान (हिमस्खलन) आ गया। इस चपेट में आने से अभियान में शामिल सभी सदस्यों की जान चली गई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से इस दुखद समाचार की पुष्टि की है। राहत व बचाव दल ने अब तक दो नेपाली पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीर बरामद कर लिए हैं, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश का काम लगातार जारी है।
एडवेंचर जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति
नेपाल के परराष्ट्र मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना ने वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही दल का नेतृत्व विख्यात पर्वतारोही निर्मल पुरजा 'निम्सदाई' कर रहे थे। उनके साथ टीम में नेपाली पर्वतारोही पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता', किली पेम्बा शेरपा 'किलु', निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा के अलावा कई विदेशी सदस्य भी शामिल थे। इस हादसे से एडवेंचर जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
खतरनाक परिस्थितियों में जारी है खोज अभियान
नेपाल सरकार ने इस बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण वातावरण में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन की सराहना की है। मंत्रालय के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और नेपाली बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खोज अभियान शुरू कर दिया था। अब तक मारे गए नेपाली नागरिकों में से पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता' और ग्यालु शेरपा के शव निकाल लिए गए हैं। इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास सभी औपचारिकताएं पूरी कर शवों को ससम्मान स्वदेश भेजने की व्यवस्था में जुटा हुआ है।
संपर्क टूटने के बाद हुआ हादसे का खुलासा
हादसे से पहले 43 वर्षीय निर्मल पुरजा की अगुवाई वाली इस 10 सदस्यीय टीम से अचानक संपर्क कट गया था, जिसके बाद इस अनहोनी की आशंका जताई गई थी। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने निर्मल पुरजा और उनके साथियों की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्वत कई बार अपने वीरों को शिखर तक पहुँचाते हैं और कभी-कभी उन्हें सदा के लिए अपने आंचल में समेट लेते हैं, लेकिन ऐसे साहसी पर्वतारोही अपने अटूट जज्बे के कारण इतिहास में हमेशा अमर रहते हैं।





