कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन एक तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। इस दौरान विधानसभा में 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में हुए कथित भ्रष्टाचार और भारी अनियमितताओं का मामला प्रमुखता से उठाया गया।
सत्र के दौरान पेश किए गए बयानों और चर्चाओं में यह बात सामने आई कि डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र में पिछली व्यवस्था के दौरान आयोजित किए गए इन स्वास्थ्य शिविरों की आड़ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं।
स्वास्थ्य शिविरों के नाम पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप
चर्चा के दौरान यह बात उठाई गई कि 'सेबाश्रय' शिविरों के नाम पर हुई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
-
सदन के भीतर इस प्रकरण से जुड़े कुछ दस्तावेज और तस्वीरें भी प्रस्तुत किए गए, जिनके माध्यम से यह दावा किया गया कि इन शिविरों में इलाज या स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान कई लोगों को गंभीर शारीरिक नुकसान उठाना पड़ा था।
-
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी तथा राजनीतिक शिकंजा और अधिक कसने के आसार जताए जा रहे हैं।





