भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने अब पूरी रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दो दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बरसात का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल और इंदौर सहित 26 से अधिक जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया और नदी-नाले उफान पर आ गए। मौसम केंद्र ने आगामी 72 घंटों के लिए प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

बड़वानी और खंडवा में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश की आशंका जताई है। इंदौर और उज्जैन सहित करीब 19 जिलों में व्यापक बरसात की संभावना बनी हुई है, जिनमें से बड़वानी और खंडवा के लिए विशेष रूप से रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में बहुत तेज बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही, खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए लोगों को खेतों में काम न करने तथा पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।

धार और खरगोन समेत 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

प्रदेश के 19 अन्य जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट लागू किया है। इसके तहत धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इनके अलावा रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की आशंका है। इन सभी क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

ग्वालियर और रीवा संभाग में कम रहेगा असर

मौसम के इस बदले मिजाज के बीच बुंदेलखंड, बघेलखंड और चंबल संभाग के कुछ हिस्सों में मानसून की सक्रियता फिलहाल थोड़ी कम देखी जाएगी। ग्वालियर, मुरैना, रीवा और सतना जैसे जिलों में बहुत भारी बारिश के आसार नहीं हैं। इन इलाकों में मौसम सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रहेगा और केवल कुछ ही स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है, जिससे यहां के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।