पुंछ। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर मुस्तैद सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की एक संदिग्ध कोशिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के एक नागरिक को दबोच लिया है। देश की विभिन्न खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए व्यक्ति को गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, ताकि भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने के उसके वास्तविक इरादों और स्थानीय स्तर पर जुड़े संभावित संपर्कों का पर्दाफाश किया जा सके। यह महत्वपूर्ण कामयाबी ऐसे समय में मिली है जब आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के मद्देनजर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तंत्र को पहले से ही अत्यधिक संवेदनशील और हाई अलर्ट पर रखा गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान रफीक के पुत्र मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है, जो पीओके के पोलास इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। सीमा पर नियमित गश्त और आधुनिक तकनीकी निगरानी के दौरान चौकस जवानों ने उसकी संदिग्ध हरकतों को भांप लिया और उसे सरहद पार करते ही घेर लिया। फिलहाल तफ्तीश इस बिंदु पर केंद्रित है कि वह अनजाने में रास्ता भटककर इधर आया है या किसी बड़ी साजिश के तहत भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहा था।

तीर्थयात्राओं को लेकर कटड़ा में उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक

इस संवेदनशील घटनाक्रम के बीच, केंद्र शासित प्रदेश में शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ जी और श्री माता वैष्णो देवी जी की पवित्र यात्राओं को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है। इसी सिलसिले में उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कटड़ा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस विशेष रणनीतिक बैठक में केंद्र और राज्य की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों जैसे भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), सीआईडी, रेलवे व ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के शीर्ष नीति निर्धारकों और सैन्य कमांडरों ने शिरकत की।

चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी से नजर और होटलों का सघन भौतिक सत्यापन

सुरक्षा बैठक के दौरान आधार शिविर कटड़ा शहर, संपूर्ण यात्रा मार्ग, पवित्र भवन क्षेत्र और त्रिकुटा पहाड़ियों की वर्तमान सुरक्षा तैयारियों का बेहद बारीकी से आकलन किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणालियों की क्रियाशीलता, कमांडो दस्ते की रणनीतिक तैनाती, त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया (इमरजेंसी रिस्पॉन्स) व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक पुख्ता करने पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन और पुलिस को कटड़ा तथा आसपास के सभी होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और अन्य व्यावसायिक ठहरने के स्थानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण और वहां रुकने वाले लोगों का कड़ा भौतिक सत्यापन करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि कोई भी संदिग्ध तत्व अपनी पहचान छिपाकर वहां पनाह न ले सके।

सुरक्षित वातावरण और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर जोर

वर्ष 2026 की इस पावन तीर्थयात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जहां एक ओर प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए श्रद्धालुओं को निशुल्क कपड़े के थैले वितरित करने का निर्णय लिया गया है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा के मोर्चे पर भी कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। वरिष्ठ सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी या आतंकी चुनौती से निपटने के लिए सभी ग्राउंड इनपुट और खुफिया जानकारियों का रीयल-टाइम (त्वरित) आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जा रहा है। शासन का मुख्य ध्येय देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भयमुक्त और पूर्णतः सुरक्षित आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है, जिसके लिए सीमाओं से लेकर मुख्य मार्गों तक रणनीतिक घेराबंदी बढ़ा दी गई है।