पटना,। पिछले कई वर्षों से लंबित सरकारी वकीलों की नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है। पटना हाईकोर्ट में कार्यरत राज्य सरकार के सभी विधि पदाधिकारियों-अपर महाधिवक्ता, राजकीय अधिवक्ता, सरकारी वकील और स्थायी समापुदेशक-ने स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि नई नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें दोबारा अवसर दिया जाता है तो वे उसके लिए तैयार हैं। इससे पहले महाधिवक्ता एस. डी. संजय ने सभी विधि पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जल्द ही नए सिरे से विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति करेगी। महाधिवक्ता ने कहा कि नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। साथ ही महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे सक्षम विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति करना है, जो अदालत में राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखें और मुकदमों के त्वरित निपटारे में योगदान दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकारी वकीलों की लंबित समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि सभी वर्तमान विधि पदाधिकारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके इस्तीफे अभी स्वीकार नहीं किए गए हैं। महाधिवक्ता एस. डी. संजय ने बताया कि नई नियुक्तियां होने और वैकल्पिक व्यवस्था बनने तक सभी मौजूदा विधि पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी, लेकिन तब तक न्यायिक कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
पटना हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की नई नियुक्ति का रास्ता साफ, सभी विधि पदाधिकारियों ने दिया स्वेच्छिक इस्तीफा
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