भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के कैलेंडर सत्र के अनुसार स्कूल अब जुलाई के बजाय अप्रैल में खुलने लगे हैं। गर्मी का यह समय जरूर है लेकिन विद्यार्थी के लिए यही तप का समय है जो आपको जीवन में प्रगति के पथ पर लेकर जाएगा।पहले के समय में बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते थे, अब जो संसाधन स्कूलों में उपलब्ध है वह उस दौरान नहीं हुआ करते थे। समय के साथ बदलाव हुआ है। मंत्री पटेल जिले के गोटेगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाले पीएम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खमरिया एवं शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगाँव में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चौ. जुगल सिंह पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने ने विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य- पुस्तकों का वितरण किया। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल व्यौहार, अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, अभिभावक व गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

कार्यक्रम में मंत्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि जो मन में सवाल हो वह पूछे। कक्षा 12 वीं की छात्रा सोनम बर्मन ने मंत्री पटेल से उनके मंत्री पद तक के सफर के बारे में पूछा तो वहीं छात्रा निशा लोधी ने बोलने में आत्मविश्वास कैसे लाए यह प्रश्न किया।

मंत्री पटेल ने अपने विद्यार्थी जीवन से लेकर कॉलेज और इस दौरान राजनीति से उनके जुड़ाव को साझा किया। लीडरशिप केवल राजनीति में नहीं है, बल्कि नौकरी व व्यवसाय में भी होती है। अपने आपको बतौर लीडर तैयार करें। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के जीवन में 15 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र में किया संघर्ष और परिश्रम जीवन पर्यंत मेहनत के फल के रूप में मिलता है। इसी उम्र में ऊर्जा सबसे ज्यादा होती है। अपनी इस ऊर्जा का इस्तेमाल अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए करें। विद्यार्थी अपने अभिभावकों और गुरुजनों की बात मानें। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो अपनी मर्यादा का ध्यान रखते हुए इसे बतायें। आप देश का भविष्य है।

मंत्री पटेल ने कहा कि जीवन में कई उतार- चढ़ाव आते हैं, जो व्यक्ति को मजबूत करते हैं। ऐसे कठिन दौर में आपका संयमित होना जरूरी है। कक्षा 12 वीं की छात्रा निशा लोधी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि ऐसा कई बार होता है जब किसी सवाल का जवाब पता होने पर भी जवाब देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इसके लिए आपस में बात और वाद- विवाद में शामिल होना होगा। आप यह नहीं सोचे कि आपका उत्तर ग़लत हुआ तो क्या होगा। लगातार संवाद और प्रैक्टिस से बोलने का आत्मविश्वास उत्पन्न होता है।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगांव में विद्यार्थियों से संवाद में मंत्री पटेल ने बताया कि इसी स्कूल में उन्होंने अपनी शिक्षा अर्जित की। यह स्कूल भवन चंदे की राशि जुटाकर तैयार किया गया था। एक सफल जीवन जीने के लिए व्यक्ति को यह आत्मसात करना चाहिए कि उसने जो चीज़ें किसी से ली है। वह उसे वापस लौटा रहा है या नहीं। यह लौटाने का गुण हम में होना चाहिए।छात्रा मुस्कान सिलावट द्वारा कबड्डी खेलने की इच्छा जाहिर करने पर मंत्री पटेल ने स्टेडियम ग्राउंड शाम को 6 बजे से 7 बजे तक बच्चियों के लिए रिज़र्व रखे जाने की बात कही। स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा स्कूल चलें हम पर आधारित रोचक नाटिका का मंचन भी किया गया। मंत्री पटेल और अन्य अतिथियों ने छात्रा हर्षिता ठाकुर को जिला मैथ्स ओलंपियाड में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित भी किया गया।