वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पारस्परिक टैरिफ का एलान कर दिया। इसमें उन्होंने अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग दरों की घोषणा की है। ट्रंप ने इसे अमेरिका की आजादी करार दिया।
पारस्परिक टैरिफ के एलान के साथ ही ऊंची कीमतों और दुनियाभर में ट्रेड वार का खतरा पैदा हो गया है। ट्रंप ने भारत पर 26% "रेसिप्रोकल टैरिफ" लगाया। चीन पर 34%, यूरोपीय संघ पर 20% और जापान पर 24% टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने यह घोषणा मेक अमेरिका वेल्थी अगेन इवेंट को संबोधित करते हुए की।
पीएम मोदी को लेकर कही ये बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महान मित्र बताते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका से 52 प्रतिशत शुल्क लेता है, जबकि हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते हैं। कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि भारत बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री अभी-अभी गए हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं और हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते।
हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में- ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिलों पर केवल 2.4 प्रतिशत शुल्क लेता है। इस बीच, थाईलैंड और अन्य देश बहुत अधिक कीमत वसूल रहे हैं जैसे 60 प्रतिशत, भारत 70 प्रतिशत, वियतनाम 75 प्रतिशत और अन्य उससे भी अधिक शुल्क ले रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि सभी विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि इस तरह के भयावह असंतुलन ने हमारे औद्योगिक आधार को तबाह कर दिया है और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। मैं इस आपदा के लिए इन अन्य देशों को बिल्कुल भी दोषी नहीं मानता।
ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे
इस आपदा के लिए मैं पूर्व राष्ट्रपतियों और पिछले नेताओं को दोषी मानता हूं जो अपना काम नहीं कर रहे थे। आधी रात से प्रभावी, हम सभी विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे।
अन्य प्रमुख देशों पर अमेरिका ने लगाया टैरिफ
चीन (34 प्रतिशत), यूरोपीय संघ (20 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत), ताइवान (32 प्रतिशत), जापान (24 प्रतिशत), भारत (26 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (10 प्रतिशत), बांग्लादेश (37 प्रतिशत), पाकिस्तान (29 प्रतिशत), श्रीलंका (44 प्रतिशत), इजरायल (17 प्रतिशत)
कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि दशकों के शोषण के बाद अमेरिकी करदाताओं को धोखा दिए जाने का युग समाप्त हो गया है। ट्रंप ने कहा कि हमारे देश और इसके करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से ठगा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।
चीन, बांग्लादेश के मुकाबले भारत पर कम टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले कम पारस्परिक शुल्क लगाया है जो भारत के हक में है।
चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 तो बांग्लादेश पर 37 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया है, अमेरिका के बाजार में मुख्य रूप से ये देश भारत के प्रतिद्वंद्वी हैं।
बांग्लादेश का गारमेंट अब अमेरिका में भारत के गारमेंट के मुकाबले अधिक महंगा होगा। चीन और वियतनाम इलेक्ट्रानिक सामान का बड़ा विक्रेता है और इन दोनों देशों के सामान अब भारत के सामान की तुलना में अधिक महंगे होंगे, हालांकि अमेरिका के इस पारस्परिक शुल्क से भारत के निर्यात पर एकदम से असर नहीं होगा क्योंकि भारत के प्रतिद्वंद्वी देशों पर भारत से अधिक शुल्क लगाया गया है और भारतीय चीजें एकदम से महंगी होने पर भी तत्काल निर्यात असर नहीं होगा और तब तक भारत निश्चित रूप से पारस्परिक शुल्क का काट खोज लेगा।
ब्राजील, ब्रिटेन पर जरूर भारत की तुलना कम शुल्क
ब्राजील, ब्रिटेन पर जरूर भारत की तुलना कम शुल्क लगाया गया है लेकिन ये अमेरिका में उन वस्तुओं की सप्लाई नहीं करते हैं जिनकी सप्लाई भारत करता है।