नई दिल्ली: वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का अनुपालन अभी भी कम है, यह स्वीकार करते हुए राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने सोमवार को कहा कि नए अप्रत्यक्ष शासन के तहत राजस्व की स्पष्ट तस्वीर 3-4 महीनों बाद ही उभर कर सामने आएगी. अधिया ने यहां कहा, "ज्यादातर राजस्व एकीकृत जीएसटी के रूप में आ रहा है. हमें स्पष्ट तस्वीर के लिए 3-4 महीने इंतजार करना होगा. मैं आईजीएसटी के आंकड़ों से जीएसटी राजस्व का अंदाजा लगाने की तुक नहीं देखता हूं. इसमें से केंद्र और राज्यों का राजस्व अलग-अलग करने के बाद ही सही तस्वीर सामने आ पाएगी."
 
 
 
उद्योग निकाय कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "जीएसटी अनुपालन की दर अभी भी कम है, अगर रिटर्न दाखिल करने में देरी पर लगाया जानेवाला जुर्माना रद्द किया जाता है, तो अनुपालन और गिर सकता है."
 
 
 
राजस्व सचिव ने कहा कि 16 अक्टूबर तक सितंबर के लिए 10 लाख रिटर्न दाखिल किए गए हैं. उन्होंने  कहा, "पिछले 40-45 दिनों में जीएसटीएन से जुड़ी समस्याएं कम हुई है. हमारे पास ऐसी प्रणाली होनी चाहिए, जिसमें कोई कमी ना हो. पिछले कुछ हफ्तों में कोई बड़ी समस्या देखने को नहीं मिली है. " उन्होंने कहा कि सरकार जीएसटी के अंतर्गत व्यापार में आसानी के लिए सुधार की कोशिश कर रही है.
 
 
 
अधिया ने कहा, "हम सभी पहलुओं का अध्ययन कर रहे हैं. ऐसे सुझावों पर विचार किया जा रहा है, जिससे व्यापार करने में आसानी के लिए सुधार किया जा सके. मंत्रियों का समूह अभी भी संरचना योजना से संबंधित मामलों पर विचार कर रहा है." अधिया ने कहा कि 28 फीसदी के कर स्लैब के तहत चीजों को तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है, जिसे समय के साथ कर लिया जाएगा.