ग्रेटर नोएडा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई है। दोनों प्राधिकरणों ने किसानों की जमीन के मुआवजे में वृद्धि कर दी है। फरीदाबाद व गुडगांव को छोड़ दे तो एनसीआर के अन्य शहरों के मुकाबले नोएडा में किसानों की जमीन का मुआवजा सबसे अधिक हो गया है। हालांकि, बढ़ा हुआ मुआवजा सिर्फ उन किसानों को मिलेगा, जो प्राधिकरण को सीधे जमीन बेचेंगे। नोएडा के किसानों को 3960 रुपये प्रति वर्ग मीटर व अर्जित भूमि के बदले पांच फीसद विकसित भूखंड न लेने पर 5039 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा मिलेगा। इसी तरह ग्रेटर नोएडा में सीधे जमीन देने पर 25 सौ रुपये व छह फीसद भूखंड न लेने पर 35 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा मिलेगा। किसान यदि सीधे भूमि न देकर अधिग्रहण प्रक्रिया से अपनी जमीन देंगे तो उन्हें पूर्व में निर्धारित दर नोएडा में 2460 व ग्रेटर नोएडा में 1580 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर ही मुआवजा मिलेगा।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन व सीईओ रमा रमण ने मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को लाभ देने के लिए कई अहम फैसले किए गए हैं। नए भूमि अधिग्रहण कानून के चलते पिछले लंबे समय से अधिग्रहण प्रक्रिया ठप है। इस दौरान कालोनाइजरों ने गांवों के आसपास खाली पड़ी जमीन पर अवैध प्लाटिंग करनी शुरू कर दी। इससे प्राधिकरण का नियोजन गड़बड़ाने लगा है।

अवैध कालोनी बसती रही तो आने वाले समय में जमीन न मिलने के कारण महत्वकांक्षी परियोजनाएं अधर में रह जाएंगी। सड़कों को निकालने के लिए भी प्राधिकरण को जमीन नहीं मिल पाएगी। शहर के विकास पर विपरीत असर न पड़े, इसलिए प्राधिकरण ने किसानों से सीधे जमीन खरीदने का फैसला लिया है। जो किसान प्राधिकरण को सीधे जमीन देंगे उन्हें अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे किसान जो अधिग्रहण प्रक्रिया के द्वारा ही अपनी जमीन देना चाहते हैं, उन्हें पूर्व में निर्धारित दरों पर ही मुआवजा मिलेगा।

नोएडा के किसानों के लिए आवासीय योजना को मिली हरी झंडी:

नोएडा प्राधिकरण प्राधिकरण क्षेत्र में जिन किसानों की जमीन 1976 से 1997 तक अधिगृहीत की गई थी, उन्हें आवासीय सेक्टरों में भूखंड दिए जाएंगे। प्राधिकरण बोर्ड ने उनके लिए एक अलग से सेक्टर विकसित कर भूखंड योजना निकालने को अनुमति दे दी।

पूर्व में भी इस तरह कई योजना निकाली जा चुकी है। जिन किसानों को उन योजनाओं में भूखंड नहीं मिल पाए थे, उन्हें इस योजना में भूखंड लेने का मौका मिल सकेगा। ऐसे किसानों की संख्या 3900 है। जबकि भूखंडों की संख्या 800 रहेगी। बाकी किसानों को अगले चरण में योजना निकालकर भूखंड दिए जाएंगे। वारिसान के आधार पर भी किसान भूखंड के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नोएडा में सीधे जमीन खरीदने की मुआवजा दर:

-पांच फीसद विकसित भूखंड के साथ होगी 3960 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दर

-भूखंड न लेने पर मुआवजा दर : 5039 रुपये प्रति वर्ग मीटर

-नई दर एक अगस्त 2014 से मानी जाएंगी लागू

-जमीन अगर अधिग्रहण प्रक्रिया से

-ली गई तो किसान को मिलेगा : 2470 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा

ग्रेटर नोएडा की दर:

- 6 फीसद विकसित भूखंड की मुआवजा दर : 2500 रुपये प्रति वर्ग मीटर

-भूखंड न लेने पर मुआवजा दर 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर

-नई दर एक जनवरी 2014 से मानी जाएंगी लागू

-अधिग्रहण प्रक्रिया से जमीन ली गई तो मिलेगा : 1580 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा