भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित दृष्टि प्लाजा में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर बनी चलचित्र 'हनुमान अंश' देखी। इस अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रवींद्र यती, भोपाल महापौर मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह फिल्म विख्यात संत नीम करोली बाबा के दिव्य जीवन, उनकी शिक्षाओं और आध्यात्मिक प्रसंगों पर केंद्रित है।
राज्य की प्रतिभाओं को बढ़ावा और टैक्स फ्री करने पर विचार
सिनेमाघर में प्रवेश से पूर्व और फिल्म समाप्ति के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि 'हनुमान अंश' में मध्य प्रदेश की कई उभरती हुई कलात्मक प्रतिभाओं ने अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार इस फिल्म को कर-मुक्त (टैक्स फ्री) करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसके संदेश से लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आस्था के अनुसार नीम करोली बाबा को भगवान हनुमान का अवतारी अंश माना जाता है और यह फिल्म उसी पावन भावना को बहुत सुंदर ढंग से पर्दे पर उतारती है। इसके साथ ही यह समाज में परोपकार और सेवा भाव की प्रेरणा भी देती है।
सागर के दिव्यांग गायक सुनील लोधी के बुंदेली भजन ने मोहा मन
इस फिल्म का एक मुख्य आकर्षण सागर जिले के प्रतिभावान दिव्यांग लोक गायक सुनील लोधी द्वारा गाया गया बुंदेली भजन है। सुनील लोधी की गायन क्षमता से मुख्यमंत्री पूर्व में भी प्रभावित हो चुके हैं और उन्हें मुख्यमंत्री निवास पर आमंत्रित कर एक लाख रुपये की सम्मान राशि व नेत्र उपचार का आश्वासन दिया था। अब उनकी आवाज का फिल्म में शामिल होना राज्य की लोक गायकी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म में अभिनय करने वाले 8 वर्षीय बाल कलाकार मास्टर सात्विक शर्मा और पूरी निर्माण टीम ने मुख्यमंत्री से भेंट की, जिन्हें सीएम ने सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से फिल्म देखने की विशेष अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के नागरिकों से इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक फिल्म को देखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, समृद्ध भारतीय संस्कृति और अध्यात्म में निष्ठा रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। यह प्रस्तुति न केवल हनुमान जी की अनन्य भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि जीवन में समर्पण, जनसेवा और परस्पर सद्भाव बनाए रखने की सीख भी देती है।





