बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ऋण और अत्यधिक ब्याज की वसूली को लेकर 30 वर्षीय महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट तथा ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके मासूम बेटे को दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, लाठी-चाकू से पीटा गया और वस्त्र उतारकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। यह घटना चंद्रा लेआउट थाना क्षेत्र में 27 से 31 अगस्त के मध्य घटी।

कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उसने आर्थिक तंगी के चलते नजाथ नामक महिला से 50 हजार रुपये साप्ताहिक किस्त पर और करीब दो वर्ष पूर्व रेशमा बानू से 1 लाख रुपये उधार लिए थे। किस्तों के भुगतान में देरी होने पर 27 अगस्त को उसे किसी बहाने से बुलाया गया:

  • अपहरण और मारपीट: आरोप है कि नजाथ के घर पर रेशमा, उसके पति सुहैल और अन्य साथियों ने महिला का मोबाइल तोड़ दिया और उसे व उसके बेटे को जबरन ऑटोरिक्शा से कुंबलगोडु ले गए।

  • निर्वस्त्र कर वीडियो बनाना: वहां उसे डंडों और चाकू से पीटा गया तथा 11 लाख रुपये की अत्यधिक मांग की गई। मना करने पर उसे जबरन निर्वस्त्र कर मोबाइल में वीडियो बनाया गया और रकम न देने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी गई।

  • जबरन कागजातों पर दस्तखत: पीड़िता को एक वकील के पास ले जाकर सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवाए गए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

बंधक बनाए जाने के दौरान महिला ने चालाकी से शौचालय जाने का बहाना बनाकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।

चंद्रा लेआउट थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर नजाथ, रेशमा बानू, सुहैल, सैफ एवं अन्य के खिलाफ अपहरण, मारपीट, बंधक बनाने और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नजाथ, रेशमा बानू और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार अन्य संदिग्धों की तलाश हेतु छापेमारी जारी है।