मैनपुरी। राजधानी दिल्ली में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से चलती स्लीपर बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म की खबर जैसे ही मैनपुरी स्थित उसके पैतृक गांव पहुंची, वहां गहरा सन्नाटा और भारी आक्रोश फैल गया। निर्भया कांड के बाद बने कड़े कानूनों के बावजूद घटी इस वारदात ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के गांव में माहौल गमगीन है और परिजनों के मकान पर ताला लटका हुआ है।

पर्दे लगी बस में 47 किलोमीटर तक दरिंदगी

यह खौफनाक वारदात 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस में हुई। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा 3 अगस्त को घर में डांट पड़ने के बाद नोएडा स्थित अपने रिश्तेदार के यहां जाने के लिए निकली थी। आरोप है कि बस के चालक और परिचालक ने 47 किलोमीटर के सफर के दौरान छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा वारदात में इस्तेमाल बस को भी जब्त कर लिया है।

वारदात की पहले से थी बस मालिक को जानकारी

मामले की जांच में सामने आया है कि वारदात में शामिल स्लीपर बस फिरोजाबाद एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत है और इसका मालिक फिरोजाबाद के उत्तर थाना क्षेत्र का निवासी है। बस मालिक को 5 अगस्त को ही इस पूरी घटना की जानकारी मिल गई थी। इधर गांव में घटना की सूचना फैलते ही राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है और जनप्रतिनिधियों का आना-जाना शुरू हो चुका है।

गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस बल तैनात

पीड़िता के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग व्यवस्था की नाकामी पर रोष व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में काफी होशियार थी। घटना के बाद से पीड़िता का परिवार गांव में नहीं है। गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।

दोषियों को फांसी देने की मांग

घटना को लेकर मैनपुरी में महिला संगठनों और स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। कचहरी रोड पर एकत्र होकर महिलाओं ने प्रशासनिक ढिलाई की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और समाज को शर्मसार करने वाले इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।