भोपाल | राजधानी भोपाल के लहारपुर इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के बीच शुक्रवार की सुबह एक मवेशी का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग की चिंता काफी बढ़ गई है। बरामद शव पर स्पष्ट रूप से चोट के निशान पाए गए हैं। जिस क्षेत्र में यह मवेशी का शव मिला है, ठीक उसी इलाके के आसपास लगभग पाँच दिन पूर्व एक तेंदुआ देखा गया था।
हालाँकि, वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि मवेशी को तेंदुए ने ही अपना शिकार बनाया है। विभाग की विशेषज्ञ टीम ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक जाँच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही मवेशी की मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
ड्रोन कैमरों से की जा रही है चप्पे-चप्पे की निगरानी
खूंखार तेंदुए की थाह पाने और उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए लहारपुर पार्क के पिछले जंगली हिस्से में अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दो विशेष ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे सघन क्षेत्र की कड़ी निगरानी की जा रही है। समरधा रेंज के रेंजर दीपक श्रीवास्तव के अनुसार, जब पहली बार तेंदुआ देखे जाने के तीन दिन बाद ड्रोन से एरियल सर्विलांस किया गया था, तब वह नजर नहीं आया था, लेकिन जंगल के इर्द-गिर्द कई पालतू और आवारा मवेशी जरूर घूमते हुए दिखाई दिए थे।
तीन अलग-अलग शिफ्टों में वन कर्मियों की तैनाती
तेंदुए की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए वन विभाग ने अपने मैदानी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की कई विशेष टुकड़ियाँ मैदान में उतार दी हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से कुल तीन अलग-अलग शिफ्टों में पाँच-पाँच कर्मचारियों की ड्यूटियाँ लगाई गई हैं। सुबह, दोपहर और शाम—तीनों पालियों में यह टीमें तेंदुए के संभावित मूवमेंट वाले इलाकों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल मवेशी की मौत और तेंदुए की गतिविधि के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हो पाया है। वन विभाग की तकनीकी जाँच और ट्रैप कैमरों की फुटेज का विश्लेषण होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।





