अलवर: राजस्थान के अलवर नगर निगम परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सफाईकर्मियों की 329 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी न किए जाने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने निगम के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। गुस्साए अभ्यर्थियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य गेट को बंद कर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस अचानक हुए प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राहगीरों और आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अभ्यर्थियों की मांग और प्रशासन पर आरोप

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया और तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपने के बजाय केवल लंबे आश्वासन दिए जा रहे हैं। उनका मुख्य आरोप है कि प्रशासन ने अब तक मनमाने तरीके से केवल पांच अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र जारी किए हैं, जबकि शेष सैकड़ों अभ्यर्थियों को लगातार इंतजार करने को कहा जा रहा है। सभी 329 पदों पर स्पष्ट और लिखित रूप से नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर अड़े इन अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, उनका यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।

पहले भी हो चुका है राजनीतिक हस्तक्षेप और धरना

सफाईकर्मियों की भर्ती का यह पूरा प्रकरण पहले भी काफी राजनीतिक चर्चाओं में रहा है। पिछले दिनों 12 अगस्त को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा इन अभ्यर्थियों के समर्थन में जिला कलेक्टर के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। लगभग पांच घंटे चले उस लंबे घटनाक्रम के बाद प्रशासन हरकत में आया था और तब जाकर पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे तथा बाकी लोगों को भी जल्द नियुक्ति का भरोसा दिलाया गया था।

इसके अलावा, अभ्यर्थियों को यह उम्मीद थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे के दौरान 17 अगस्त को उनके लंबित नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे, क्योंकि प्रशासन की ओर से भी इस तरह के संकेत दिए गए थे। हालांकि, गृह मंत्री के कार्यक्रम के बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलने से अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया और उनकी नाराजगी और अधिक बढ़ गई, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार को उन्होंने उग्र होकर नगर निगम के बाहर ताला बंदी कर दी।

फिलहाल, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक सभी चयनित उम्मीदवारों को आधिकारिक रूप से नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाते।