भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी मंगलवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर राज्य-व्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' और भव्य कलश यात्रा का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में सुबह 11 बजे से किया जाएगा।
इस व्यापक अभियान के तहत प्रदेश, जिला और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध तरीके से कई प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक और जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर राज्य के तमाम जिलों के लिए विशेष पावन कलश रवाना किए जाएंगे।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में निकाली जाएगी कलश रथ यात्रा
संत शिरोमणि रविदास जी के महान जीवन-दर्शन तथा समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के अनमोल संदेश को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में इस विशेष अभियान और यात्रा की रूपरेखा तैयार की गई है:
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चरणबद्ध आयोजन: अभियान के अंतर्गत प्रांतीय, जिला और ग्रामीण स्तर पर विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी।
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कलश वंदन समारोह: अभियान के तहत आगामी 20 अगस्त, 2026 को समस्त जिला मुख्यालयों पर भव्य कलश वंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके पश्चात, इन पावन कलशों को विशेष रूप से सजाए गए कलश रथों के माध्यम से स्थानीय रविदास मंदिरों और ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा।
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रथ यात्रा की अवधि: प्रदेश के प्रत्येक जिले में 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक निर्धारित रूट और मार्गों पर भव्य कलश रथ यात्राएँ निकाली जाएंगी।
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धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम: अभियान की अवधि के दौरान जिला, ग्राम स्तर और चिन्हित स्थानीय मंदिरों में सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या, समरसता संकल्प तथा अन्य स्थानीय सांस्कृतिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय संतों, गुरुओं, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होगी मुख्य समरसता यात्रा
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संत गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा का आयोजन आगामी 5 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 के मध्य किया जाएगा।
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डेरा सचखंड, बल्लन (जालंधर) से आरंभ होने वाली यह पवित्र यात्रा मध्य प्रदेश राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगी।
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यात्रा के निर्धारित पड़ावों पर इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। साथ ही, समरसता संकल्प, समरसता गोष्ठी तथा 'बेगमपुरा' के आदर्श समाज, सेवा और सामाजिक न्याय के संदेश पर केंद्रित विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
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इसके अलावा, राज्य स्तर पर 18 से 31 अगस्त, 2026 तक संत संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न संतों और गुरुओं को अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देकर सामाजिक समरसता कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए शासन स्तर पर अलग-अलग विभागों को अहम जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं:
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कार्यक्रम का मुख्य नोडल और समन्वय विभाग 'अनुसूचित जाति कल्याण विभाग' होगा, जबकि जनजातीय बहुल जिलों में 'जनजातीय कार्य विभाग' इसकी कमान संभालेगा।
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जिला मुख्यालयों व नगरीय क्षेत्रों में 'नगरीय विकास एवं आवास विभाग' तथा ग्रामीण अंचलों में 'पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग' और 'योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग' द्वारा सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएंगी।
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योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और 'जन अभियान परिषद' के माध्यम से इस अभियान में जन-जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ संचालित होंगी।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल संचालन, समन्वय और संयोजन की पूरी जिम्मेदारी 'संस्कृति विभाग' को सौंपी गई है।





