रांची:राजधानी रांची के प्रतिष्ठित और प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान 'रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज' यानी रिनपास, कांके को बहुत जल्द नया स्थायी निदेशक मिलने की पूरी उम्मीद बंध गई है। संस्थान की शैक्षणिक, चिकित्सीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद के लिए मांगे गए आवेदन
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से रिनपास में निदेशक के रिक्त पद पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पद के लिए योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों से आगामी आठ सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन भेजने का आग्रह किया गया है, जिसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
संस्थान के प्रशासन और विकास की मुख्य कमान संभालेंगे नए निदेशक
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस उच्च पद पर नियुक्ति का मुख्य लक्ष्य संस्थान को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और उन्नत शोध के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना है। चयनित होने वाले नए निदेशक संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्यभार संभालेंगे और संपूर्ण प्रशासन, नई विकास योजनाओं तथा सुचारू संचालन की जिम्मेदारी उनके हाथों में होगी।
लंबे समय से प्रभारी व्यवस्था के सहारे चल रहा है संस्थान
गौरतलब है कि पिछले कई लंबे वर्षों से रिनपास का संचालन पूर्णकालिक निदेशक के अभाव में प्रभारी व्यवस्था के अंतर्गत ही चलाया जा रहा था। अब इस सीधी भर्ती प्रक्रिया के शुरू होने से संस्थान को एक स्थाई प्रशासनिक मुखिया मिलने की आस जग गई है, जिससे यहाँ की चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में और अधिक सुधार होने की पूरी संभावना है।
निर्धारित की गई है न्यूनतम शैक्षणिक और प्रशासनिक योग्यता
जारी किए गए विज्ञापन के अनुसार, इस पद के आवेदन के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग या मनोचिकित्सा संस्थान में प्रोफेसर के रूप में कम से कम पंद्रह वर्ष का लंबा अनुभव होना अनिवार्य है। इसके साथ ही विभागाध्यक्ष, डीन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट या यूनिट प्रमुख के रूप में कम से कम दो वर्ष का प्रशासनिक अनुभव भी आवश्यक शर्तों में शामिल किया गया है।वारदात के लिए कार्यरत अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा पैंसठ वर्ष तथा सेवानिवृत्त अभ्यर्थियों के लिए सत्तर वर्ष निर्धारित की गई है।





