वाशिंगटन। अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में वसूले गए भारी-भरकम आयात शुल्क (टैरिफ) के मामले में वहां के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के कड़े रुख के बाद अमेरिकी सरकार को भारी आर्थिक झटका लगा है। अदालत द्वारा इन अतिरिक्त करों को अवैध ठहराए जाने के फैसले पर अमल करते हुए अमेरिकी प्रशासन ने अब तक विदेशी सामान मंगाने वाले कारोबारियों को करीब 100 अरब (100 बिलियन) डॉलर की राशि वापस लौटा दी है।

अदालती दस्तावेजों से हुआ खुलासा, कस्टम विभाग ने दी रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में पेश की गई एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) एजेंसी ने 31 जुलाई तक करीब 128.68 अरब डॉलर मूल्य के रिफंड आवेदनों को हरी झंडी दे दी थी। एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जांच की प्रक्रिया पूरी होते ही 100 अरब डॉलर की मोटी रकम सीधे ट्रेजरी विभाग को ट्रांसफर कर दी गई है, जहां से इसे संबंधित कंपनियों के खातों में भेजा जा रहा है।

लंबे कानूनी संघर्ष के बाद विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को राहत

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले को अमेरिकी आयातकों और वैश्विक व्यापार से जुड़ी कंपनियों के लिए बहुत बड़ी जीत माना जा रहा है। ट्रंप सरकार के दौरान लगाए गए इन विवादास्पद करों के कारण लंबे समय से व्यापारिक हलकों में असंतोष था। अब इतनी बड़ी राशि का रिफंड मिलने से न सिर्फ कारोबारियों को अपनी फंसी हुई पूंजी वापस मिल रही है, बल्कि शेष बचे दावों को भी जल्द से जल्द निपटाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कागजी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।