जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सैनिक कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों और वर्तमान में देश की सेवा कर रहे जवानों से जुड़े मामलों को पूरी संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सैनिक राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण के प्रतीक हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक कल्याण के कार्यों में योगदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उनका जीवन संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिसके जरिए भारतीय सेना की गौरवशाली वीर गाथाओं और शौर्य प्रतीकों से आम जनता को अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी शहीद स्मारकों की उचित देखरेख सुनिश्चित करने और पूरे राज्य में इन स्मारकों के लिए एक समान (एकरूपीय) मॉडल विकसित करने की बात कही।
शहीद परिवारों और सैनिकों के सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर मोड़ पर शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों और सेवारत जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उनके सम्मान और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए विभाग की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बैठक में मौजूद आला अफसरों को सैनिक कल्याण विभाग की सभी जरूरतों और संसाधनों को जल्द से जल्द पूरा करने के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर सुरेन्द्र सिंह और रैक्सको के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल विजय सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। इसके माध्यम से उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और चल रहे कार्यों की प्रगति की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, सैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए सावंत सहित शासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।





