जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बेलखेड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है। क्षेत्र के ग्राम गोकुला में एक किसान के युवा पुत्र ने अज्ञात कारणों और अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते अपने ही घर के भीतर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। ग्रामीण अंचल में एक होनहार युवक द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेने की यह दुखद खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई।
जैसे ही इस अनहोनी की भनक स्थानीय ग्रामीणों को लगी, मृतक के घर पर ढाढस बंधाने और तस्दीक करने के लिए सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब लोग कमरे के भीतर दाखिल हुए, तब तक युवक का निष्प्राण शरीर जमीन पर लिटाया जा चुका था और उसकी सांसें पूरी तरह थम चुकी थीं। इस दर्दनाक घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची बेलखेड़ा थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमॉर्टम की वैधानिक प्रक्रिया के लिए मर्क कायम कर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े थे परिजन; फंदा काटकर नीचे उतारने के बाद भी नहीं बची सांसें
बेलखेड़ा थाना पुलिस और गोकुला गांव के चश्मदीदों से मिली विस्तृत और दर्दनाक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गांव के ही एक प्रतिष्ठित और सीधे-साधे किसान परिवार से जुड़ी हुई है:
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शराब की लत बनी काल: ग्राम गोकुला निवासी अरविंद पटेल मुख्य रूप से पेशे से किसान हैं और खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका बेटा महेश पटेल (उम्र करीब 24 वर्ष) भी अपने पिता के साथ खेतों में हाथ बंटाता था और किसानी करता था। लेकिन परिजनों के मुताबिक, महेश को पिछले कुछ समय से अत्यधिक शराब पीने की बुरी लत लग चुकी थी, जिसके कारण वह अक्सर मानसिक रूप से परेशान रहता था।
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कमरे में बंद होकर उठाया आत्मघाती कदम: बीती रात लगभग 10 बजे महेश हमेशा की तरह अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर अपने घर लौटा था। नशे की हालत में वह किसी से बिना कुछ बात किए सीधे अपने निजी शयनकक्ष (कमरे) में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कमरे के भीतर उसने छत पर लगे बिजली के पंखे के सहारे फांसी का फंदा तैयार किया और उसे अपने गले में डाल लिया।
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तड़पने की आवाज सुनकर पहुंची चाची: जैसे ही महेश ने पैर के नीचे से स्टूल हटाया और फंदा उसके गले पर कसा, तो दर्द और दम घुटने के कारण वह जोर से चीखते हुए छटपटाने और फड़फड़ाने लगा। आधी रात को अचानक कमरे से आई इस खौफनाक आवाज को सुनकर घर के दूसरे हिस्से में सो रही उसकी चाची और अन्य परिजन घबराकर तुरंत महेश के कमरे की तरफ भागे। उन्होंने खिड़की से देखा तो महेश फंदे पर झूल रहा था। परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ा और चाकू की मदद से फंदे की रस्सी को काटकर महेश को तुरंत नीचे जमीन पर लिटाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत; पूरे गांव में शोक की लहर
फंदा काटकर नीचे उतारने के बाद परिजनों ने महेश के सीने को दबाया और उसके हाथ-पैर रगड़े, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल या हरकत न होते देख घर के भीतर चीख-पुकार और रोना-धोना शुरू हो गया। परिजनों के रोने की आवाज सुनकर आधी रात को ही आस-पड़ोस के तमाम ग्रामीण लाठियां और टॉर्च लेकर दौड़ पड़े।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों की मदद से अचेत महेश को तुरंत निजी वाहन से नजदीकी शासकीय अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अफसोस, अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक जांच (पल्स और ईसीजी) करने के बाद महेश को अस्पताल पहुंचने से पहले ही 'मृत' (ब्रॉट डेड) घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस बयान के बाद अस्पताल परिसर में ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बेलखेड़ा पुलिस ने शुरू की गहन जांच; आत्महत्या के असली कारणों की खोज जारी
अस्पताल प्रबंधन की तहरीर पर बेलखेड़ा थाना पुलिस की एक टीम तुरंत रात में ही अस्पताल और उसके बाद घटना स्थल यानी ग्राम गोकुला पहुंची। पुलिस ने घटना वाले कमरे को सील कर दिया है और वहां से सुसाइड नोट या किसी अन्य सुराग की तलाश की जा रही है। पुलिस ने सोमवार सुबह शव का शासकीय डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया है।
इस पूरे मामले पर बेलखेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह अत्यधिक शराब के नशे में उठाया गया आत्मघाती कदम का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर एक संभावित एंगल से इसकी सघन जांच कर रही है। परिजनों, दोस्तों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या महेश किसी बड़े कर्ज, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य गंभीर मानसिक प्रताड़ना से तो नहीं गुजर रहा था। फिलहाल पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।





