मुंबई। महानगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए मुंबई और उसके सैटेलाइट शहरों में अत्यंत भारी वर्षा, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की गंभीर चेतावनी दी है। मौसम के इस आक्रामक रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों से बेहद सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की गई है।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट और भारी बारिश के आंकड़े

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, सप्ताहांत के दौरान मुंबई के शहरी और उपनगरीय इलाकों में मूसलाधार से अति-मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बीते 24 घंटों में ही महानगर के कई हिस्सों में 100 मिलीमीटर से अधिक पानी बरस चुका है। बीएमसी के नियंत्रण कक्ष से मिले डेटा के अनुसार, आइलैंड सिटी में औसतन 99 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 98 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 94 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा असर बांद्रा के एच-वेस्ट वार्ड में देखा गया, जहां रिकॉर्ड 150.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि परेल, विक्रोली और घाटकोपर जैसे निचले इलाकों में भी भारी जलभराव का संकट मंडरा रहा है।

समुद्र में हाई टाइड की चुनौती और यातायात की स्थिति

बारिश के इस कहर के बीच मुंबई के सामने सबसे बड़ी चुनौती समुद्र में उठने वाला हाई टाइड है। शनिवार दोपहर को समुद्र में 4.26 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है, जिसके भारी बारिश के साथ मिलने पर निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्तमान में मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें और बेस्ट की बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद, पटरियों पर पानी जमा होने के कारण उपनगरीय ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और वे अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे कामकाजी यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी और नागरिकों को सलाह

इस मौसमी संकट से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों और चौपाटी पर लोगों के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों, खुले मैनहोल और बिजली के खंभों से दूर रहें। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों तक बारिश का यह आक्रामक दौर थमता नजर नहीं आएगा, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना और घरों के भीतर सुरक्षित रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।