भुवनेश्वर:ओड़िया फिल्म इंडस्ट्री (ओलिवुड) से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सिनेमा जगत के दिग्गज और जाने-माने सिनेमैटोग्राफर दिलीप राय अब हमारे बीच नहीं रहे। 72 वर्ष की आयु में उन्होंने भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की देर रात अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरी ओड़िया फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने पीछे अपनी पत्नी और तीन बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के बाद चल रहा था इलाज

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिनों पहले दिलीप राय को अचानक दिल का दौरा (हृदयाघात) पड़ा था, जिसके बाद उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हो गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शनिवार को कटक और भुवनेश्वर से जुड़े फिल्म उद्योग के तमाम कलाकारों और करीबियों की मौजूदगी में पुरी के पवित्र स्वर्गद्वार में उनका पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।

कटक से शुरू हुआ सफर और बेंगलुरु से ली फिल्म मेकिंग की शिक्षा

दिलीप राय का जन्म 27 जुलाई 1954 को कटक में हुआ था और उन्हें बचपन से ही कला के प्रति गहरा लगाव था। साल 1980 के दशक में ओड़िया सिनेमा के प्रख्यात निर्देशक मनमोहन महापात्र की प्रेरणा और उनके मार्गदर्शन में दिलीप राय ने कैमरा और सिनेमैटोग्राफी की दुनिया में कदम रखा था। अपनी इस कला को और निखारने के लिए उन्होंने बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित फिल्म संस्थान से सिनेमैटोग्राफी का प्रोफेशनल कोर्स पूरा किया, जिसके बाद उन्होंने ओड़िया सिनेमा को कई बेहतरीन और यादगार फिल्में दीं। उनके विजुअल्स और कैमरे के काम को इंडस्ट्री में हमेशा याद रखा जाएगा।