नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बड़े नेता और बाद में भाजपा में शामिल हुए दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार को बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। पद संभालते ही उन्होंने बांग्लादेश के नागरिकों के लिए एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि लंबे समय से बंद पड़े सामान्य यात्रा वीजा (टूरिस्ट वीजा) को फिर से शुरू किया जा रहा है। दिनेश त्रिवेदी ने यह जानकारी ढाका में भारतीय वीजा केंद्र के दौरे के दौरान दी, जिससे अब बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारत आने का रास्ता साफ हो गया है।
पहली बार किसी राजनेता को मिली यह जिम्मेदारी
76 वर्षीय दिनेश त्रिवेदी को इस साल 27 अप्रैल को बांग्लादेश में भारत का हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया था। वह इस महत्वपूर्ण राजनयिक पद को संभालने वाले पहले राजनेता बन गए हैं (आमतौर पर यह पद आईएफएस अधिकारियों को मिलता है)। उनके इस पद के महत्व को देखते हुए गृह मंत्रालय ने उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा भी दिया है। गुरुवार को त्रिवेदी ने बंगभवन प्रेसिडेंशियल पैलेस में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपने आधिकारिक दस्तावेज (क्रेडेंशियल्स) सौंपे, जिसके बाद उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया। दिनेश त्रिवेदी ने इस पद पर प्रणय कुमार वर्मा की जगह ली है।
दो साल बाद शुरू हो रही है वीजा सेवा
लगभग दो साल पहले बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन के दौरान सुरक्षा बिगड़ने और भारत के साथ रिश्तों में आई तल्खी के कारण यात्रा वीजा पर रोक लगा दी गई थी। दिनेश त्रिवेदी की इस नई घोषणा से अब बांग्लादेशी नागरिक पर्यटन, इलाज, सरकारी काम, बिजनेस या किसी तीसरे देश जाने के लिए भारत का वीजा ले सकेंगे। वीजा आवेदन की प्रक्रिया 28 जून से शुरू हो जाएगी और ये वीजा ढाका, राजशाही, चटगांव, सिलहट और खुलना के केंद्रों से जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही आपातकालीन मेडिकल वीजा पहले की तरह ही मिलते रहेंगे।
रिश्तों में आएगी नई मजबूती
भारत और बांग्लादेश के बीच हमेशा से गहरे सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। जानकारों का मानना है कि दिनेश त्रिवेदी की यह पहल दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने और आम जनता के बीच संपर्क बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होगी। यात्रा वीजा दोबारा शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और आपसी संबंधों को एक बार फिर नई गति मिलेगी।





