बीजिंग: चीन वर्ष 2020 तक अपनी परमाणु क्षमता को दोगुना करना चाहता है और लक्ष्य के तहत वह एक तैरने वाले परमाणु बिजली संयंत्र के निर्माण की योजना बना रहा है। ‘चाइना एटॉमिक एनर्जी अथॉरिटी’ के अध्यक्ष शु दाझे ने बताया कि अधिकारी एक ‘तैरने वाले समुद्री बिजली संयंत्र’ की योजना बना रहे हैं।इसमें विशुद्ध और वैज्ञानिक प्रदर्शनों का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा, ‘चीन खुद को एक समुद्री शक्ति के तौर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए समुद्री संसाधन का निश्चित रूप से पूरा इस्तेमाल किया जाएगा।’

समुद्र में यूं तो परमाणु शक्ति का इस्तेमाल हो रहा है-विमान वाहक पोत और पनडुब्बियां प्राय: परमाणु शक्ति वाली होती हैं। लेकिन, असैन्य उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल अभूतपूर्व प्रतीत होता है। लेकिन ऐसी एक निर्माणाधीन रूसी परियोजना की भी सूचना मिली है। चीन की ‘चाइना जनरल न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन’ (सीजीएन) और ‘चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन’ (सीएनएनसी) ने इस महीने के शुरू में घोषणा की थी कि देश की 13वीं पंच वर्षीय योजना (2016-2020) के तहत दो मरीन परमाणु बिजली संयंत्रों का निर्माण चीन की क्रमश: दोनों कंपनियां सीजीएन और सीएनएनसी करेंगी।