
ग्वालियर (ब्यूरो)। फूलबाग स्थित सेंटर पाइंट कॉम्पलेक्स में सुबह 6.30 बजे आग लग गई। लोगों ने इमारत में से धुआं उठता देख फायर बिग्रेड को सूचना दी। दमकल ने सीढ़ियां लगाकर बाहर से खिड़कियों के कांच तोड़े तो अंदर आग की लपटें उठती हुई दिखाई दीं। इसके बाद आगजनी पर काबू पाने के प्रयास शुरू करने के साथ ही एयरफोर्स का दमकल वाहन भी बुलाया गया।
एयरफोर्स एवं नगर निगम का संयुक्त अभियान करीब साढ़े चार घंटे चला। इसके बाद सुबह 11 बजे आग पर काबू पाने में सफलता मिली। आगजनी में एलआईसी कार्यालय में रखा 15 लाख रुपए का कैश सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लाखों रुपए की पॉलिसियां और फर्नीचर जलकर खाक हो गया है।
सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय जीवन बीमा कार्यालय, यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी एवं एफएम के दफ्तर में होना बताया जा रहा है। सेंटर पाइंट कॉम्पलेक्स का निर्माण यश गोयल द्वारा किया गया था, जिसमें करीब एक दर्जन दफ्तर संचालित होते हैं। इसमें कोचिंग का भी संचालन होता है, जिस समय आगजनी की घटना हुई, उस वक्त मुनीष शर्मा फिजिक्स क्लासेस में करीब 50 छात्र पढ़ रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के मुताबिक एक तेज धमाका हुआ, इसके बाद जब बाहर निकलकर देखा तो इमारत से धुआं निकलते हुए दिखाई दिया। इसके बाद ही दमकल अमले को सूचना दी गई। घटना के बाद तत्काल बच्चों की छुट्टी कर दी गई और शिक्षक सहित तमाम स्टाफ बाहर निकल आया।
आगजनी पर काबू पाने के लिए 10 दमकल वाहन लगाए गए थे, जिनसे 46 गाड़ी पानी फायर किया गया है, जबकि दो एयरफोर्स की फायर बिग्रेड भी आग बुझाने में लगी रहीं। दमकल वाहनों को पानी भरने के लिए बार-बार नहीं जाना पड़े। इसलिए पीएचई के करीब 40 टैंकर लगाए गए थे, जिनके द्वारा लगातार फायर बिग्रेड को भरने का काम किया जाता रहा। जिसकी वजह से आग फर्स्ट फ्लोर से आगे नहीं बढ़ सकी और इमारत को बचा लिया गया।
1.25 करोड़ का नुकसान
एलआईसी के अधिकारियों के मुताबिक तीन बड़े सर्वर जलकर राख हो गए, इसके साथ ही पूरा फर्नीचर, 1 दर्जन कूलर एवं एसी सहित करीब 80 लाख रुपए का माल इस घटना में जलकर राख हो गया। शाम 6 बजे एलआईसी के ब्रांच मैनेजर बीसी दुबे ने पड़ाव थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं यूनाइटेड इंश्योरेंस और एफएम ऑफिस में भी आगजनी से नुकसान हुआ है।
तीनों ऑफिसों में मिलाकर करीब 1.25 करोड़ रुपए के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। टल गया गंभीर हादसा इमारत के चारों तरफ पर्याप्त जगह छोड़ी गई थी जिसकी वजह से दमकल वाहन को घूमने में दिक्कत नहीं आई और तीनों तरफ से पानी फेंका जा सका।
हालांकि यहां भी बेसमेंट में कार्यालय संचालित हो रहे थे और लोगों ने बड़े -बड़े होर्डिंग्स लगा रखे थे। जिसके कारण एयरफोर्स के वाहन को फोम फेंकने में दिक्कत आ रही थी। इसके चलते निगम कमिश्नर अजय गुप्ता के निर्देश पर होर्डिंग्स को जेसीबी से उखाड़ा गया, यदि कुछ देर हो जाती तो गंभीर हादसा हो सकता था, क्योंकि बिल्डिंग के जिस फ्लोर में आग लगी है उसी फ्लोर पर करीब कोचिंग क्लास चल रही थी।