रायपुर (छत्तीसगढ़)। मानसून की विदाई से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य में मौसम का भयंकर रूप देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही चक्रवात 'अर्नब' के सक्रिय प्रभाव के कारण संपूर्ण प्रदेश में मूसलाधार वर्षा का दौर अनवरत जारी है। मौसम विभाग द्वारा रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभागों के लिए भारी बारिश (हेवी रेन) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रायपुर सहित विभिन्न प्रमुख नगरों में हो रही तीव्र वर्षा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रमुख खारुन नदी उफान पर बह रही है तथा महादेव घाट के समीप नदी का जलस्तर पुल के ऊपर पहुंच जाने के कारण यातायात पूर्ण रूप से ठप हो गया है।
उपमुख्यमंत्री का कांकेर दौरा निरस्त
राज्य के मध्य तथा दक्षिणी अंचलों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रायपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान 69 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस अतिवृष्टि के परिणामस्वरूप क्षेत्र के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले आवासीय इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं, जगदलपुर में बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड 246 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस आपदापूर्ण मौसम और खराब परिस्थितियों को देखते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव का प्रस्तावित कांकेर दौरा रद्द कर दिया गया है।
28 वर्षों के पश्चात खोले गए गंगरेल बांध के सभी द्वार
बस्तर संभाग में भी भारी वर्षा के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध तथा उसकी सहायक नदी मुरान के बांध के द्वार खोले जाने के उपरांत कई निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे लगभग तीन सौ गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त धमतरी जिले में स्थित प्रसिद्ध गंगरेल बांध के सभी 14 द्वारों को पूरे 28 वर्षों के बाद एक साथ खोला गया है, जिसके फलस्वरूप बांध से 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यातायात और परिवहन सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित
इस भारी प्राकृतिक आपदा के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (रायपुर-कोंटा) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-63 (जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपट्टनम) कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं। इसके अलावा किरंदुल-कोत्तावालसा रेल मार्ग पर चार भिन्न स्थानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। खराब मौसम और भारी दृश्यता की कमी के चलते जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली विमान सेवा (फ्लाइट) को भी दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर दंतेवाड़ा, महासमुंद, दुर्ग, बस्तर, कांकेर, रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी, बेमेतरा तथा नारायणपुर सहित कुल 17 जिलों में मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।





