कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंगलवार को पावटा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज मूसलाधार बारिश शुरू होने से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस प्राकृतिक बाधा के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और प्रशासनिक सूझबूझ से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
अचानक हुई मूसलाधार बारिश से मची अफरा-तफरी
मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बरसात शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव के कारण कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पंडाल, बैठने की कुर्सियां और पूरा मैदान पानी से सराबोर हो गया। अचानक आई इस बाधा से एक बारगी तो आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं डगमगाती हुई नजर आईं और लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इधर-उधर दौड़ने लगे।
ग्रामीणों ने कुर्सियों को बनाया अपना सुरक्षा कवच
बारिश के इस हैरान कर देने वाले नजारे के बीच लोगों का गजब का जज्बा देखने को मिला। आयोजन स्थल पर मौजूद भारी भीड़ में से सैकड़ों लोगों ने भीगने से बचने के लिए वहां रखी प्लास्टिक की कुर्सियों को उठाकर अपने सिर पर रख लिया और उसे ही अस्थाई छाता बना लिया। कई लोग पानी में पूरी तरह भीगने के बाद भी मुख्यमंत्री को सुनने के लिए अपनी जगह पर डटे रहे, जो वहां उपस्थित लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहा।
विकास कार्यों की समीक्षा और पौधारोपण का था कार्यक्रम
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस दौरान पावटा में मुख्यमंत्री शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण करने, विशाल पौधारोपण अभियान में हिस्सा लेने और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करने पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद थे ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन की मुस्तैदी से दोबारा पटरी पर लौटी व्यवस्थाएं
जैसे ही बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, वैसे ही स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के अधिकारियों ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। भीगी हुई कुर्सियों और मैदान को व्यवस्थित किया गया और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया गया। अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी के चलते मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और अन्य जनहित से जुड़े कार्यक्रम बिना किसी बड़ी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुए।





