नई दिल्ली: जुलाई महीने की शुरुआत देश के आम नागरिकों और व्यापार जगत के लिए राहत और बदलाव की मिली-जुली खबरें लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता और दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की भारी कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलिंडर के दाम 3,113.50 रुपये से घटकर 2,930 रुपये पर आ गए हैं। हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू रसोई का बजट पहले जैसा ही बना रहेगा।

डीजल बिक्री पर लगी सीमा हटी, ईंधन और गैस में राहत

ईंधन के मोर्चे पर सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए डीजल की बिक्री पर लगी सीमा को पूरी तरह से हटा दिया है। सरकार के इस कदम से देश के वाहन चालकों, किसानों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें जरूरत के मुताबिक डीजल आसानी से मिल सकेगा। राहत की बात यह भी है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे अपनी पुरानी दरों पर ही स्थिर हैं।

पेट्रोल निर्यात पर शुल्क बढ़ा, कारों की कीमतें भी बढ़ीं

एक तरफ जहां गैस और ईंधन के मामले में राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ सकता है। सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के उद्देश्य से पेट्रोल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी) को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, ऑटो सेक्टर से भी आम खरीदारों को झटका लगा है। देश की कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने आज यानी 1 जुलाई से अपनी नई कारों की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है, जिससे अब नया वाहन खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस महीने की शुरुआत जहां गैस और ईंधन में राहत लेकर आई है, वहीं ऑटो सेक्टर में बढ़ते खर्च के संकेत भी दे रही है।