जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक आमेर इलाके से एक बेहद दुखद और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन इमारत की विशाल दीवार अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसकी चपेट में आने से काम कर रहे तीन बेकसूर मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मलबे का ढेर इतना बड़ा है कि उसके नीचे अभी भी कई अन्य श्रमिकों के दबे होने की गंभीर आशंका बनी हुई है। इस भीषण दुर्घटना के बाद निर्माण स्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और राहत बचाव कार्य को तेज कर दिया गया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
दीवार गिरने की भयावह सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और विशेष रेस्क्यू टीमों ने बिना वक्त गंवाए सीधे दुर्घटनास्थल पर धावा बोल दिया। मलबे की विशालता को देखते हुए तुरंत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के आधुनिक कटर और क्रेन दस्ता टीमों को भी मौके पर बुला लिया गया। मलबे के नीचे फंसे घायलों को बेहद सावधानी से बाहर निकालकर तुरंत पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका आपातकालीन इलाज कर रही है। मौके पर मौजूद बचाव दल मलबे को हटाने और जिंदगी की आखिरी उम्मीदों को तलाशने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है।
कलेक्टर ने की मौतों की आधिकारिक पुष्टि, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे को लेकर जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने मौके का मुआयना करने के बाद आधिकारिक तौर पर तीन श्रमिकों की मौत होने की पुष्टि की है। प्रशासन ने मृतकों के शवों को सुरक्षित निकालकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया है। इस बीच, रिहायशी इलाके में चल रहे इस भारी-भरकम निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के यहाँ धड़ल्ले से काम कराया जा रहा था, जिसके चलते यह भयावह हादसा हुआ। प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।





