झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने हंसते-खेलते एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। चूरू जिले के हमीरवास थाने में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे कांस्टेबल सिकंदर की एक सड़क दुर्घटना में असमय मौत हो गई। जो पुलिसकर्मी बरसों तक सड़कों पर लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालता रहा, वह खुद एक बेलगाम और लापरवाह वाहन चालक की खौफनाक गलती का शिकार बन गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही मृतक के पैतृक गांव और पूरे पुलिस महकमे में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।

सड़क किनारे पैदल बढ़ रहे थे आगे, तभी काल बनकर आई तेज रफ्तार कार

घटनाक्रम के अनुसार, 40 वर्षीय जांबाज कांस्टेबल सिकंदर अपने पैतृक गांव बजावा (रावतका) की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दोरासर के पास स्थित शौर्य उद्यान के समीप अचानक उनकी मोटरसाइकिल में कोई तकनीकी खराबी आ गई या फिर उसका पेट्रोल समाप्त हो गया। अपनी गाड़ी को बंद पाकर सिकंदर सुरक्षा के लिहाज से बाइक को सड़क के बिल्कुल किनारे-किनारे पैदल लेकर आगे की तरफ बढ़ने लगे। वे कुछ ही दूर चले थे कि तभी सामने से गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से काल बनकर आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी घातक थी कि टक्कर लगते ही सिकंदर हवा में उछलते हुए कई फीट दूर जा गिरे, जिससे वे लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल में डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम, आरोपी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हादसे के बाद घटना स्थल पर भारी चीख-पुकार मच गई और स्थानीय राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए तड़प रहे जवान को तुरंत झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की और अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन सिर और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में अत्यधिक गहरी चोटें आने और भारी मात्रा में खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सिकंदर अपने परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे घर की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के मजबूत कंधों पर टिकी थी, जिसके कारण उनके जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के भाई विकास कुमार की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी कार चालक धर्मवीर सिंह जादौन के खिलाफ तेज रफ्तार और घोर लापरवाही से गाड़ी चलाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान और नम आंखों के साथ ग्रामीणों ने अपने लाडले जवान को अंतिम विदाई दी।