अजमेर: धार्मिक नगरी अजमेर में शनिवार को भव्य आध्यात्मिक आयोजन हुआ, जब दिगंबर जैन समाज के सुप्रसिद्ध आचार्य श्री वसुनंदीजी महामुनिराज के ससंघ का शहर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके साथ करीब 11 साधु-साध्वियों का तपस्वी दल भी था। इस ऐतिहासिक क्षण की शुरुआत रोडवेज बस स्टैंड के पास गुरु-शिष्य के मिलन से हुई, जहां श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंगल प्रवेश यात्रा केंद्रीय बस स्टैंड से शुरू होकर कचहरी रोड, गांधी भवन, नया बाजार चौपड़ होते हुए सोनीजी की नसियां ​​पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने नतमस्तक होकर आचार्य संघ का भव्य स्वागत किया। जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंग गया।

सोनीजी की नसियां ​​में आयोजित विशेष धार्मिक समागम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक समागम में आचार्य श्री ने शांत, सरल और प्रभावशाली वाणी में प्रवचन देते हुए लोगों को संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल एवं ऐतिहासिक बना दिया। आचार्य श्री वासु नंदी जी संघ का यह आगमन नाका मदार स्थित श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र में 20 से 25 अप्रैल तक आयोजित पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत हुआ है। यह तीर्थ उत्तर भारत में दिगंबर जैन समाज का प्रमुख एवं भव्य तीर्थ स्थल बनने जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष देशभर से श्रद्धालु जुटेंगे।

आयोजन समिति के अनुसार अगले दो-तीन दिन में आचार्य संघ के अन्य साधु-साध्वियां भी अजमेर पहुंच जाएंगे। विशेष रूप से 11 अप्रैल को श्री जिनशासन तीर्थ क्षेत्र में 41 से अधिक साधु-साध्वियों का मंगल प्रवेश प्रस्तावित है, जो एक और भव्य आध्यात्मिक क्षण होगा। पंच कल्याणक महोत्सव को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह एवं तैयारियों का माहौल है। यह आयोजन समाज में संयम, आस्था एवं अध्यात्म का संदेश फैलाने का प्रेरणादायी अवसर साबित हो रहा है।