बांसवाड़ा: राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य बांसवाड़ा जिले में न केवल नकली नोट छापे जा रहे हैं बल्कि उन्हें मार्केट में खपाया भी जा रहा है. पुलिस ने आनंदपुरी थाना इलाके में पकड़े गए नकली नोट बनाने वाले गिरोह के शातिर बदमाश से और फेक करेंसी बरामद की है. पुलिस ने दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए सुखराम तंबोलिया के कब्जे से 2.15 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. सुखराम तंबोलिया खूंटागलिया गांव का रहने वाला है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुखराम के साथ ही उसके साथी गुजरात के दाहोद जिले के ठेरका गांव निवासी सुखलाल सिंगाड़ा को भी गिरफ्तार किया है. नकली नोटों के इस मामले में पुलिस 18 मार्च से 4 अप्रैल तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. 18 मार्च को मुखबिर की सूचना पर आनंदपुरी थाना इलाके के धूलियागढ़ गांव में महेश कटारा के घर पर छापा मारा गया था.
पहले पकड़े थे 1 लाख 39 हजार 300 रुपये के नकली नोट
पुलिस ने उसके घर से 1 लाख 39 हजार 300 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे. वे नोट 100, 200 और 500 रुपये के थे. पुलिस ने उसी दिन महेश के घर से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर भी बरामद किया था. इस गैंग में और भी लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
लैपटॉप और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया
आनंदपुरी थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले में बुधवार को गिरफ्तार किए गए सुखराम के कब्जे से 2.15 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ ही एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गए हैं. पुलिस इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है. पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गैंग से दूसरे राज्यों के बदमाश भी जुड़े हुए हैं या नहीं. नकली नोटों की गैंग इन नोटों को कहां और कैसे खपाती थी.