झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में बाल सुधार गृह से 21 बच्चे फरार हो गए. उन्होंने बाल सुधार गृह में जमकर उत्पात मचाया. पहले उनके बीच आपस में मारपीट हुई, फिर उन्होंने बच्चों को रोकने का प्रयास कर रहे सुरक्षा कर्मियों पर भी हमला कर दिया. वहां रखी कुर्सियां और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए. बच्चे यहीं नही रुके उन्होंने बंदी गृह के गेट का ताला तोड़ दिया. 21 बच्चे वहां से फरार हो गए.

फरार बच्चों में से तीन के अभिभावक उन्हें बंदी गृह छोड़ गए. वहीं एक बच्चे को पुलिस ने पकड़ा. घटना से हड़कंप मच गया. मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाईबासा का बाल सुधार गृह वर्ष 1959 से संचालित है. मंगलवार की देर शाम एकाएक बंद बच्चों के बीच मामूली विवाद के बाद जमकर मारपीट शुरू हो गई.

21 बच्चे हुए फरार

सरायकेला-चाईबासा रोड पर स्थित बाल सुधार गृह परिसर के अंदर तोड़फोड़ करते हुए, बाल सुधार गृह के ही गेट का ताला तोड़कर 21 की संख्या में बच्चे फरार हो गए. इस दौरान उन्हें रोक रहे जवानों के साथ भी बच्चों के द्वारा मारपीट की गई. उनके फरार होने की सूचना से पूरे प्रशासनिक महाकमें में हडकम्प मच गया. हालांकि, देर रात तक फरार हुए चार की संख्या में बच्चे वापस से बाल सुधार गृह लौट आएं. बाकी बच्चों की तलाश की जा रही है. पूरे मामले को लेकर पश्चिमी सिंहभूमि जिला के उपायुक्त और एसपी की निगरानी में जांच की जा रही है.

बाबूलाल मरांडी ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस मुद्दे पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े के हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ‘चाईबासा के बाल सुधार गृह से बड़ी संख्या में बाल कैदियों के फरार होने की घटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को दर्शाती है.’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘बाल सुधार गृह का उद्देश्य भटके हुए किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होता है, लेकिन चाईबासा की यह घटना दर्शाती है कि सरकार बाल सुधार गृह के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है.जल्द से जल्द सभी फरार किशोरों को वापस लाकर उनके लिए उचित काउंसलिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, अन्यथा यह समाज के लिए खतरा बन सकता है. ये बच्चे क्यों भागे और किसकी लापरवाही से भागे, इसकी उच्चस्तरीय जॉंच करा कर कार्रवाई की जानी चाहिए.’

पहले भी हो चुकी है घटना

झारखंड में बाल सुधार गृह से बाल बंदियों के फरार होने की यह कोई पहली घटना नही है. इससे पहले राजधानी रांची के सदर थाना अंतर्गत डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह की दीवार फांद कर तीन बच्चे फरार हो गए थे. हालांकि, बाद में पुलिस के द्वारा कड़ाई से की गई तलाशी के क्रम में फरार तीनों बच्चो को पड़कर कर वापस से बाल सुधार गृह लाया गया था.