
शिवसेना के गढ़ छत्रपति संभाजीनगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है. छत्रपति संभाजीनगर के पश्चिम विधानसभा अध्यक्ष राजू शिंदे ने अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है. राजू शिंदे ने अपने इस्तीफे में पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, राजू शिंदे ने अपने इस्तीफे में पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे के प्रति अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. राजू शिंदे ने स्पष्ट किया है कि वह चंद्रकांत खैरे के लगातार हस्तक्षेप और व्यवहार के कारण इस्तीफा दे रहे हैं. राजू शिंदे के साथ कुछ सहकर्मियों ने भी इस्तीफा दे दिया है. बीएमसी चुनाव से पहले ठाकरे गुट के लिए यह बड़ा झटका है.
राजू शिंदे ने पत्र में क्या कहा?
राजू शिंदे ने पत्र में लिखा है कि मैं उद्धव ठाकरे और अंबादास दानवे पर विश्वास रखते हुए पार्टी में शामिल हुआ. आपने मुझ पर भरोसा किया और मुझे विधान सभा के लिए नामांकित किया. मैं और मेरे सहकर्मी इसके लिए आभारी हैं, लेकिन किसी कारणवश तथा पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे से मेरी नाराजगी के कारण मैंने अपने सभी समर्थकों व साथियों के साथ शिवसेना पार्टी व विधानसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है. राजू शिंदे ने पत्र में कहा है कि इसे स्वीकार किया जाना चाहिए.
राजू शिंदे को मिले थे 1 लाख वोट
राजू शिंदे विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी से शिवसेना में शामिल हो गए थे. उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव ठाकरे गुट के संजय शिरसाट के खिलाफ लड़ा था। हालांकि अब चंद्रकांत खैरे से नाराजगी के चलते उन्होंने शिवसेना ठाकरे गुट से इस्तीफा दे दिया है. राजू शिंदे के इस्तीफे से छत्रपति संभाजीनगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में ठाकरे गुट को बड़ा नुकसान होने की संभावना है. राजू शिंदे को विधानसभा चुनाव में 1 लाख 6 हजार 147 वोट मिले थे जबकि, संजय शिरसाठ को 1 लाख 22 हजार 498 वोट मिले थे.
इस बीच, राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजू शिंदे फिर से बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिवसेना (ठाकरे गुट) इन घटनाक्रमों पर क्या प्रतिक्रिया देती है.