चेन्नई। तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई को उनकी जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। वजह ये है कि भाजपा यहां जातिगत संतुलन साधने पर जोर दे रही है। सूत्रों पर भरोसा करें तो तमिलनाडु में बीजेपी चीफ के पद पर अन्नामलाई की जगह विधायक नैनर नागेंद्रन को दी जा सकती है। हालांकि, इसे लेकर भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। पहले एआईएडीएमके में रहे नागेंद्रन तिरुनेलवेली से आते हैं और वह प्रभावी थेवर समुदाय से हैं।
हालांकि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक साल का समय बाकी है। इससे पहले ही राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के आसार हैं। खबर है कि भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा प्रदेश प्रमुख के अन्नामलाई अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। हालांकि, कहा जा रहा है कि उन्हें पद से हटाए जाने का फैसला जातिगत समीकरणों के चलते लिया जा सकता है।  ये संभावनाएं ऐसे समय पर सामने आ रही हैं, जब हाल ही में भाजपा के पुराने साथी एआईएडीएमके के नेताओं और अन्नामलाई दोनों ने ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। कभी तमिलनाडु में साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली भाजपा और एआईएडीएमके साल 2023 में अलग हो गए थे। तब अन्नामलाई को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा था। एक अखबार से बातचीत में भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अन्नामलाई के लिए सजा नहीं, बल्कि जातिगत समीकरणों के चलते लिया जा सकता है।
दिल्ली में शाह संग हुई एआईएडीएमके नेताओं की बैठक के बाद से ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की अटकलें तेज हो गई थीं। अब रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भाजपा के इस फैसले को लेकर अन्नामलाई को शाह के साथ हुई बैठक के दौरान सूचित कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा को चर्चा में लाने वाले अन्नामलाई से कहा गया है, दिल्ली को उनके लिए उज्जवल भविष्य नजर आ रहा है।यह माना जा रहा है कि अन्नामलाई ने पार्टी के साथ पूरी वफादारी की बात कही है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, उन्होंने बता दिया है कि पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर उनके मन में दूसरे कोई विचार नहीं हैं और वह एक कैडर के तौर पर भी काम करने के लिए तैयार हैं। एक अन्य नेता ने कहा, अन्नामलाई प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहें या न रहें, लेकिन वह तमिलनाडु में भाजपा के अहम चेहरे रहेंगे। फिलहाल, यह देखा जाना बाकी है कि वह अपने लिए राष्ट्रीय भूमिका चुनते हैं या राज्य में ही उन्हें दूसरी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।