नई दिल्‍ली ।  कांग्रेस  ने 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए कुछ राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष तो कुछ राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त किए हैं। साथ ही मुंबई कांग्रेस के पद पर भी नई नियुक्ति की गई है।
शक्तिसिंह गोहिल पुराने समय से गुजरात की राजनीति में हैं और स्वर्गीय अहमद पटेल के करीबी रहे हैं। यहां तक कि पटेल के राज्यसभा चुनाव के वक्त गोहिल ही उनके एजेंट थे। यही वजह है कि गोहिल गुजरात के बजाए दिल्ली की राजनीति ज्‍यादा करते रहे, लेकिन 2024 से पहले उन्‍हें इस उम्मीद में उनको गुजरात भेजा गया है कि कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में कम से कम खाता तो खुले। 
दूसरी महत्वपूर्ण नियुक्ति वर्षा गायकवाड़ की हैं, जिन्हें मुंबई कांग्रेस की कमान सौंपी गई हैं। वर्षा पहली महिला हैं, जिन्हें मुंबई का अध्यक्ष बनाया गया है। वर्षा चार बार की विधायक हैं और धारावी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके जिम्‍मे मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन का चुनाव होगा और साथ में अघाड़ी के साथ मिलकर मुंबई में लोकसभा चुनाव की जिम्‍मेदारी भी।
मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की भी चर्चा है। फिलहाल नाना पटोले अध्यक्ष हैं जो पहले विधानसभा के अध्यक्ष थे। पटोले को राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनाया था, लेकिन अब कांग्रेस को एक ऐसा अध्यक्ष चाहिए जो अघाड़ी के साथ तालमेल बैठाकर लोकसभा चुनाव की तैयारी करे। इसके लिए अशोक चव्हाण के नाम की चर्चा है। 
कांग्रेस ने हरियाणा में गोहिल की जगह गुजरात के ही दीपक बावरिया को प्रभारी बनाया है। उनके जिम्‍मे दिल्ली भी होगा, जहां नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना है। इसके लिए अरविंदर सिंह लवली, देवेन्द्र यादव और कन्हैया कुमार के नाम की चर्चा है। पुडुचेरी में वी वैद्यलिंगम को नया अध्यक्ष बनाया गया है। 
राजस्थान में गोविंद सिंह डोटासरा के बदले नए अध्यक्ष के लाने की बात है वैसे तो ये गहलोत के खास है। हालांकि कांग्रेस एक ऐसा प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है, जो किसी गुट का ना हो और जिसके लिए गहलोत और सचिन पायलट दोनों राजी हों। 
उसी तरह पं बंगाल में  कांग्रेस के एकमात्र सांसद अधीर रंजन चौधरी प्रदेश अध्यक्ष हैं जो लोकसभा में कांग्रेस के नेता हैं और ममता बनर्जी के धुर विरोधी भी। ऐसे में कांग्रेस बंगाल में ऐसा अध्यक्ष लाना चाहती है जो 2024 के पहले ममता बनर्जी से सामंजस्य बना सके ताकि किसी तरह का तालमेल हो सके। बंगाल में कांग्रेस अभी वाम दलों के साथ है। तमिलनाडु में भी नए प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात है, अभी वहां के एस अलागीरी अध्यक्ष हैं। 
 उत्तर प्रदेश में  प्रियंका गांधी के बदले नया महासचिव बनाया जाना है। प्रियंका अभी महासचिव हैं और उनके लिए नई जिम्‍मेदारी की तलाश जारी है। यह खरगे और राहुल गांधी को तय करना है कि कांग्रेस प्रियंका का उपयोग किस ढंग से करना चाहती है। उत्तर प्रदेश में बृजलाल खाबरी को कुछ महीनों पहले ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और उनके साथ 6 प्रभारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। 
ये सारी नियुक्तियां जल्द ही होने की संभावना है। साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति का भी गठन किया जाएगा, जो कांग्रेस की सबसे बड़ी संस्था है, जो सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। रायपुर में इसका चुनाव टाल दिया गया था और मनोनयन का जिम्‍मा कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पर छोड़ा गया था।