भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सांसद आदर्श ग्राम योजना" के क्रियान्वयन को लेकर भोपाल में 23 और 24 सितंबर को 100 से ज्यादा सांसद-कलेक्टर मंथन करेंगे। इस दौरान प्रदेश के 36 गांवों सहित देश के उन चुनिंदा 71 गांवों के संबंध में प्रजेंटेशन होगा, जहां बेहतर काम हुए हैं। मेजबान मध्यप्रदेश का ब्यौरा 32 कलेक्टर रखेंगे, वहीं सांसद भी योजना को लेकर अनुभव साझा करेंगे। विधानसभा के मानसरोवर सभागार में होने वाले सम्मेलन में 100 जिला पंचायत के सीईओ, 200 ग्राम प्रधान (सरपंच), 100 चार्ज ऑफिसर भी शिरकत करेंगे।

सम्मेलन के नोडल अधिकारी पंचायतराज आयुक्त रघुवीर श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन में केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के 35-40 वरिष्ठ अफसर आएंगे। मध्यप्रदेश को छोड़कर 35 गांवों का प्रस्तुतिकरण होगा। सांसद और कलेक्टर इन गांवों में किए गए विकास कार्यों का ब्यौरा देंगे। 24 सितंबर को दो बजे के बाद मप्र के 36 गांवों का प्रस्तुतिकरण होगा। इसमें आदर्श ग्राम योजना को लेकर विभिन्न् विभागों से बनाए सामंजस्य, विकास की रणनीति में स्थानीय निवासियों की भागीदारी, स्वच्छता मिशन के बारे में बताया जाएगा। सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव सहित प्रदेश के सभी सांसद मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में गांव को स्मार्ट विलेज बनाने पर भी सांसद, कलेक्टर और पंचायत प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।

गांव के विकास की कहानी बताएंगे: सांसद और कलेक्टरों को प्रदेश में ग्रामीण विकास के लिए विकेंद्रीयकृत नियोजन प्रणाली के बारे में बताया जाएगा। प्रदेश में इसके जरिए 45 हजार से ज्यादा गांवों का रोडमैप बनाया जा चुका है। पंच परमेश्वर योजना के तहत आंतरिक मार्गों का निर्माण, भ्रष्टाचार रोकने आनलाइन भुगतान व्यवस्था, राजस्व बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का ब्यौरा भी पेश किया जाएगा।