बिलासपुर । छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव आज एक दिवसीय प्रवास पर पर्यटन मंडल के अधिकारियों के साथ मनकू द्वीप पहुंचे। पहुंचकर मनकूदीप स्थित टापू वन विभाग के उद्यान एवं रेस्ट हाउस का निरीक्षण किया। वहीं समिति के लोगों से मनकूदीप की पौराणिक, ऐतिहासिक और पुरातत्व के अनुसार समझा और चर्चा की। अटल श्रीवास्तव के साथ एसडीएम पथरिया श्रीमती प्रिया गोयल, नायब तहसीलदार वेदकुमार सोनकर, पर्यटन मंडल रायपुर के अधिकारी सहायक अभियंता खेमन देवांगन, उप अभियंता संदीप दीवान, बिल्हा के प्रत्याशी राजेन्द्र शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण, प्रदेश सचिव महेश दुबे, नीलेश माड़ेवार, संस्कार पाण्डेय थे। वहां पहुंचने पर अटल श्रीवास्तव एवं अतिथियों का सरपंच मनकूदीप माखन बंजारे, जनपद अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा घृतलहरे, परदेशी धुर्वंशी, बृजेश शर्मा, देवी सिंह ठाकुर, गौरव सिंह, सरगांव नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव तिवारी ने आत्मीय स्वागत किया एवं महराज रामस्वरूप त्यागी ने इस क्षेत्र का महत्व बताया एवं पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव से उनके आगमन की स्मृति स्वरूप पौधारोपण कराया। महराज त्यागी यहां 700 पौधे लगवा चुके हैं।
अटल श्रीवास्तव ने एसडीएम पथरिया से मदकूदीप के आसपास की जमीन उपलब्धता की जानकारी ली, वन विभाग, उद्याानिकीय विभाग, पुरातत्व विभाग, राजस्व विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों, बने हुए उद्यान, रेस्ट हाउस आदि की जानकारी ली। मदकूदीप टापू जिस पर वर्तमान में प्रतिवर्ष मसीही मेला आयोजित होता है तथा अन्य हिन्दू धार्मिक त्यौहारों पर आयोजन होते हैं। मनकूदीप टापू के पास ही शिवनाथ नदी के जलभराव के बीच में एक टापू को भी अटल श्रीवास्तव ने नौका विहार कर नजदीक से पहुंचकर उसको देखा, अधिकारियों एवं समिति के लोगों ने बताया कि इस टापू का पर्यटन की दृष्टिकोण से विकास किया जा सकता है, लोगों ने यह भी बताया कि देश की प्रसिद्ध नदी महानदी के बाद दूसरी नदी शिवनाथ है, जिसमें इस तरह के टापू मनकूदीप के आसपास विद्यमान है, अगर पर्यटन विभाग यहां पर पर्यटन की दृष्टिकोण से रेस्टहाउस, काटेज तथा पर्यटकों के लिए जन सुविधा उपलब्ध कराता है, तो यह बिलासपुर, मुंगेली, बलौदा-बाजार, भाटापारा जिले के लिए बड़ा पर्यटन केन्द्र होगा, जहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे।
पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट बनवाकर पर्यटन मंत्री और मुख्यमंत्री को सौंप दिया जायेगा और बहुत जल्द मनकूदीप पर्यटन की दृष्टि से विकसित कराने हेतु प्रयास करूंगा, मनकूदीप बहुत ही अनोखा पर्यटन स्थल होगा, जहां लोग पहुंचकर दो दिन ठहरना चाहेंगे। अटल श्रीवास्तव ने मौके पर ही पर्यटन अधिकारियों को मूलभूत जन सुविधायें (जो पर्यटकों हेतु आवश्यक होती है,) उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। शौचालय, पीने का पानी, स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गढ़कलेवा जैसा रेस्टोरेन्ट तथा पर्यटकों हेतु आवश्यक सामग्री की दुकाने खोलने की बात कही। अटल श्रीवास्तव ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों एवं उपस्थित एसडीएम को भी निर्देशित किया कि कोई विकास कार्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर नहीं होना चाहिए तथा सीमेन्ट, कांक्रीटीकरण के स्थान पर वैकल्पिक वस्तुओं का उपयोग होना चाहिए।
अटल श्रीवास्तव के मनकूदीप पहुंचने पर हरीहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू समिति के जीवनलाल कौशिक, मनीष मिश्रा, भगवती प्रसाद मिश्रा, मनीष अग्रवाल ने पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, राजेन्द्र शुक्ला एवं समस्त अतिथियों का स्वागत किया और मदकू दीप की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व को बताया और लेख प्रदान किया। समिति सदस्यों ने बताया कि यहां चर्तुर्भुज नृत्य गणेश की प्रतिमा, स्मार्त शिवलिंग तथा 11वीं व 12वीं सदी के मंदिरों का समूह है। मांडु ऋषि की प्रतिमा भी वहां बनी हुई है और इन्हीं के नाम पर इसका नाम मदकूदीप पड़ा था। समिति ने यह भी बताया कि हरीहर क्षेत्र नाम इसलिए पड़ा कि हरि और हर भगवान विष्णु एवं शिव का मिलन स्थल माना जाता है, उसी तरह देश के मसीही समाज के लोग साल में एक बार सात दिन का मसीही मेले का आयोजन इस द्वीप पर आकर करते हैं, पर्यटन की दृष्टिकोण से असीम संभावनायें हैं। समिति ने अटल श्रीवास्तव के अध्यक्ष बनने से यह विश्वास व्यक्त किया कि मदकूदीप का पर्यटन की दृष्टि से सर्वांगीण विकास होगा।
पर्यटन मंडल के अध्यक्ष पहुंचे मदकू द्वीप
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