मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए गोलीबारी के सनसनीखेज प्रयास के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र सरकार और गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस घातक हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी कार के चालक और एक अन्य ऑटो रिक्शा चालक इस घटना में घायल हो गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन कर दिया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दौरा और सुरक्षा का कड़ा आश्वासन
घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुँचे और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस फायरिंग में अभिनेता के बाएं हाथ में कांच के टुकड़ों और बारूद से हल्की चोट आई है तथा वह व उनकी माताजी सदमे में हैं। उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुंबई पुलिस ने अतीत में भी संगठित अपराध और गैंगवार पर पूरी तरह से नकेल कसी थी और इस बार भी इस प्रकार की गुंडागर्दी का पूरी सख्ती के साथ अंत किया जाएगा। इस बीच अभिनेत्री दिशा पाटनी समेत कई अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी अभिनेता से मिलकर उनका ढांढस बंधाया है।
विपक्ष का तीखा हमला और गृह विभाग की विफलता के आरोप
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद विपक्षी दलों ने महायुति सरकार पर चौतरफा प्रहार किया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य में 'जंगल राज' जैसे हालात होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि देश के महानगर की सड़कों पर फिल्मी हस्तियां खुलेआम गोलियों का निशाना बन रही हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा। कांग्रेस नेता सचिन सावंत और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी पूर्व की घटनाओं जैसे बाबा सिद्दीकी की हत्या और अन्य फिल्मी हस्तियों को मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता जताई तथा राज्य के लिए एक स्वतंत्र और सक्षम गृह मंत्री नियुक्त किए जाने की मांग उठाई।
एनसीपी और शिवसेना (यूबीटी) की तीखी प्रतिक्रियाएं
विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस घटना को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि ऐसी असामाजिक घटनाएं देश की वित्तीय राजधानी में निवेशकों का विश्वास डिगा सकती हैं, इसलिए गृह मंत्रालय किसी सक्षम व्यक्ति को सौंपा जाना चाहिए। एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो और शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और सरकार अपराधियों के गिरोहों के खिलाफ ठोस और निर्णायक कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है।





