जनकपुर। छत्तीसगढ़ के जनकपुर (एम.सी.बी.) जिले के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बुधवार को एक अजीबो-गरीब और हंगामेदार मामला सामने आया, जब बैंक के कैश काउंटर पर एक खाताधारक को पूरी रकम न मिलने पर भारी विवाद खड़ा हो गया। आरोपी कैशियर आलोक भूजाबली पर शराब के नशे में ड्यूटी करने, खाताधारक को आधी रकम थमाने और मौके पर पहुंचे भाजपा मंडल अध्यक्ष के साथ अभद्रता व गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के तूल पकड़ने के बाद बैंक प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कैशियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कैशियर की करतूत और कुर्सी के नीचे से मिले पैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 14 अक्टूबर को मणि प्रसाद पाण्डेय नामक खाताधारक अपने बैंक खाते से तीन हजार रुपये निकालने के लिए जनकपुर शाखा पहुंचे थे। आरोप है कि कैशियर ने उन्हें मात्र पंद्रह सौ रुपये देकर यह कहकर टरकाने का प्रयास किया कि पूरी राशि दी जा चुकी है। जब खाताधारक ने इसका कड़ा विरोध किया, तो मामला शाखा प्रबंधक उमेश कुशवाहा के संज्ञान में लाया गया। बैंक काउंटर पर जब नकदी का मिलान किया गया, तो शेष पंद्रह सौ रुपये कथित तौर पर कैशियर की कुर्सी के नीचे से बरामद हुए, जिसे देखकर वहां मौजूद तमाम खाताधारकों और ग्राहकों में आक्रोश फैल गया।
भाजपा नेता से अभद्रता और मेडिकल जांच में अल्कोहल की पुष्टि
हंगामे की सूचना पाकर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष नरेश यादव मौके पर पहुंचे और बैंक में फैली अराजकता को लेकर शिकायत दर्ज कराने लगे, जिस पर नशे में धुत कैशियर ने उनके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके अतिरिक्त, अन्य खाताधारकों ने भी बैंककर्मियों के समय पर न आने और घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहना पड़ने की शिकायत की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जनकपुर पुलिस ने आरोपी कैशियर को हिरासत में लिया और थाने ले जाकर ब्रेथ एनालाइजर से उसकी जांच कराई, जिसमें उसके शरीर में 204 मिलीग्राम अल्कोहल पाए जाने की पुष्टि हुई। शाखा प्रबंधक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें भेजी गई थीं और अब विभागीय जांच के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





