नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. पारंपरिक मान्यताओं में मां कूष्मांडा का संबंध कूष्मांड यानी पेठे से भी जोड़ा जाता है. पेठा एक फल है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी किया जाता रहा है. अंग्रेजी में इसे ऐश गॉर्ड (Ash Gourd) कहा जाता है.
आयुर्वेद में पेठे को शीतल प्रकृति वाला और पौष्टिक माना गया है. पारंपरिक आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, इसे पित्त को संतुलित करने में सहायक माना जाता है. कुछ आयुर्वेदिक ग्रंथों में कूष्मांड को रसायन गुणों वाला भी बताया गया है. रसायन का संबंध ऐसी चीजों से है, जिन्हें पारंपरिक रूप से शरीर के पोषण और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए उपयोगी माना जाता है. हालांकि, इन पारंपरिक मान्यताओं और स्वास्थ्य संबंधी दावों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों को अलग से देखना जरूरी है.
दिमाग के लिए फायदेमंद माना जाता है पेठा
पेठे को पारंपरिक चिकित्सा में मानसिक स्वास्थ्य और दिमाग से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए उपयोगी माना गया है. तनाव या याददाश्त से जुड़ी परेशानियों में भी इसके सेवन की चर्चा होती है. हालांकि, पेठे का जूस पीने से याददाश्त बढ़ने या अल्जाइमर जैसी बीमारी का इलाज होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. ऐसी समस्याओं में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
पेट की जलन और एसिडिटी में क्या है भूमिका?
पेठे में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसे भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है. आयुर्वेद में इसकी शीतल प्रकृति के कारण इसे एसिडिटी और अम्लपित्त से जुड़ी परेशानियों में उपयोगी माना गया है. लेकिन यह दावा करना सही नहीं होगा कि पेठा अल्सर को ठीक करता है या एसिडिटी को तुरंत दूर कर देता है. अगर पेट में लगातार जलन, दर्द या अन्य लक्षण बने रहते हैं, तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए.
किडनी और पथरी की समस्या में कितना असरदार है?
पेठे को पारंपरिक रूप से शरीर को ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ के रूप में देखा जाता है. इसमें मौजूद पानी शरीर को तरल पदार्थ उपलब्ध कराने में योगदान दे सकता है. हालांकि, इसे किडनी की गंदगी निकालने वाला डिटॉक्स या पथरी का इलाज मानने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. किडनी से जुड़ी बीमारी या पथरी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खानपान और उपचार तय करना चाहिए.
दिल और ब्लड प्रेशर के लिए पेठा
संतुलित आहार में पेठे जैसी सब्जियों को शामिल किया जा सकता है. लेकिन केवल पेठा खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होने या खून से जुड़ी बीमारियां दूर होने की गारंटी नहीं है. हार्ट और ब्लड प्रेशर की सेहत के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार महत्वपूर्ण हैं.





